कड़ाके की ठंड और जहरीली हवा की दोहरी मार, दिल्ली-एनसीआर में AQI ‘बहुत खराब’; राहत के आसार कम

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दिल्ली-एनसीआर के लोगों को इन दिनों ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। हवा की रफ्तार कमजोर पड़ने के कारण प्रदूषण का स्तर एक बार फिर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है। रविवार को राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 307 दर्ज किया गया, जबकि सोमवार सुबह भी हालात में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला।

बीते 24 घंटों में AQI में करीब 40 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही सर्दी भी लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में मौजूद प्रदूषक कण मानकों से सवा दो गुना अधिक हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

सुबह भी गंभीर बनी रही स्थिति
सोमवार सुबह दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी रही। कोहरे और प्रदूषण के मिश्रण ने हालात को और बिगाड़ दिया। कई निगरानी स्टेशनों पर AQI ‘Poor’ से ‘Very Poor’ श्रेणी में दर्ज किया गया।

सुबह के समय सबसे खराब स्थिति ITO इलाके में रही, जहां AQI 256 तक पहुंच गया। इसके अलावा श्रीनिवासपुरी में 250, आनंद विहार में 216, पटपड़गंज में 210 और चांदनी चौक में 207 AQI रिकॉर्ड किया गया। एनसीआर के इलाकों में वसुंधरा में 200, नोएडा सेक्टर-125 में 193, जहांगीरपुरी और लोनी में 189 तथा गुरुग्राम सेक्टर-51 में 174 AQI दर्ज किया गया।

भीषण ठंड से लोग ठिठुरे
प्रदूषण के साथ-साथ सर्दी ने भी लोगों को बेहाल कर रखा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सप्ताह तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। रविवार को न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम रहा, जबकि अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग ने सोमवार को हल्के से मध्यम कोहरे का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 18 से 21 डिग्री और न्यूनतम 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है।

हवा में सवा दो गुना ज्यादा प्रदूषक कण
सीपीसीबी के मुताबिक, हवा को स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित मानने के लिए पीएम-10 का स्तर 100 और पीएम-2.5 का स्तर 60 से कम होना चाहिए। लेकिन रविवार दोपहर दिल्ली-एनसीआर में पीएम-10 का औसत स्तर 222.8 और पीएम-2.5 का स्तर 135.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। यानी हवा में प्रदूषक कण तय मानकों से करीब सवा दो गुना अधिक मौजूद हैं।

कब मिलेगी राहत?
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक तेज हवाएं या अच्छी बारिश नहीं होती, तब तक प्रदूषण से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। ठंड बढ़ने और हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंसे हुए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और बाहर जाते समय N95 मास्क का इस्तेमाल करें। स्थिति पर सीपीसीबी और संबंधित एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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