वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार दीपोत्सव का पंचदिवसीय पर्व 18 से 23 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। हालांकि दीपावली और गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर लोगों में उलझन बनी हुई थी, जिसे अब स्पष्ट कर दिया गया है।
इस वर्ष मुख्य दीपावली यानी महालक्ष्मी पूजा 20 अक्टूबर, सोमवार को ही होगी। इस दिन अमावस्या तिथि प्रदोषकाल और रात्रिकाल दोनों में रहेगी, जो लक्ष्मी पूजन के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है।
अमावस्या 20 अक्टूबर दोपहर 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर शाम 5:54 बजे तक रहेगी। हालांकि 21 अक्टूबर को दिनभर अमावस्या रहेगी, लेकिन सूर्यास्त के बाद प्रदोषकाल में केवल लगभग 12 मिनट के लिए ही अमावस्या रहेगी और रात्रिकाल में अमावस्या का योग समाप्त हो जाएगा। ऐसे में शास्त्रों के अनुसार बिना अमावस्या के बड़ी दीपावली पूजन शुभ नहीं माना जाता।
दीपावली रात्रि का पर्व है, और जब अमावस्या तिथि प्रदोष व निशीथ काल में रहे, तभी लक्ष्मी पूजन सर्वोत्तम होता है। इस बार ऐसा शुभ संयोग 20 अक्टूबर को ही बन रहा है। इस दिन प्रदोषकाल और स्थिर लग्न का भी योग रहेगा, जो माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम अवसर प्रदान करता है।
👉 निष्कर्ष:
इस वर्ष बड़ी दीपावली 20 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी, जबकि 21 अक्टूबर को केवल औपचारिक अमावस्या रहेगी। अतः धन-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर की रात ही रहेगा।




