पंजाब में मंगलवार को हुई भारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं के साथ आई इस बारिश से पकी हुई धान की फसल खेतों में गिर गई और मंडियों में पहुँचा अधिकांश धान भीग गया। राज्य में अक्टूबर महीने में 70 साल का रिकॉर्ड तोड़ा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में पंजाब में 8.8 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर सात अक्टूबर को केवल 0.2 मिमी बारिश होती है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में अब तक कुल 20.7 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य 2.5 मिमी के मुकाबले 727 प्रतिशत अधिक है। बुधवार को भी बारिश की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश के कारण बांधों का जलस्तर बढ़ा है। पौंग बांध का जलस्तर 1,384.57 फीट दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (1,390 फीट) से केवल 5.43 फीट नीचे है। 51 वर्षों में पहली बार अक्टूबर में पौंग बांध के सभी छह फ्लडगेट खोलने पड़े।
फाजिल्का और फिरोजपुर में सतलुज का पानी खेतों में भर गया और धान की फसल डूब गई। तापमान में भारी गिरावट से लोगों को ठंड का अहसास होने लगा। रूपनगर, होशियारपुर और नवांशहर में अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 13 डिग्री कम है।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. गुरदीप सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश से धान के दाने बेरंग हो सकते हैं और नमी बढ़ने से कटाई 5-6 दिन लेट हो सकती है। इससे मंडियों में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।








