पंजाब को बाढ़ से अभी राहत नहीं, उत्तराखंड-हिमाचल में भारी वर्षा की चेतावनी; दिल्ली-NCR में उमस से भरी गर्मी पड़ेगी

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नई दिल्ली::गुरुवार को भाखड़ा बांध के दरवाजे गेटों को तीन फीट से बढ़ाकर चार फीट तक खोल दिया गया। इससे सतलुज में जलस्तर बढ़ने का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है। लुधियाना में सतलुज के पानी से और जालंधर में बंध टूटने का खतरा पैदा हो गया है। मौसम विभाग ने हिमाचल और उत्तराखंड में शुक्रवार से भारी वर्षा होने की चेतावनी दी।

नई दिल्ली। बाड़ से जूझ रहे पंजाब के लोगों को अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इसका कारण बांधों से नदियों में लगातार छोड़ा जा रहा पानी है। इसी बीच भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) ने भाखड़ा बांध के दरवाजे गेट को एक बार फिर और खोलने का फैसला लिया है।सतलुज नदी में जलस्तर बढ़ता जा रहा है।

उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है

उत्तराखंड में शुक्रवार स मौसम विभाग ने 12 से 14 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है। 12 सितंबर को ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में बिजली गिरने व भारी वर्षा होने का अलर्ट जारी किया है।

सिरमौर जिले के पांवटा साहिब के सतौन में बुधवार शाम गिरी नदी को पार करते निजी स्कूल का मास्टर बह गया। मास्टर का शव गुरुवार को नदी किनारे मिला। प्रदेश में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और 577 की कई सड़के बारिश की वजह से बंद है जिन्हें खोलने का रात दिन सड़क खोलने का प्रयास चल रहा है। उत्तराखंड में शुक्रवार को देहरादून समेत आठ जिलों में भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है। भारी वर्षा होने के साथ गर्जन व आकाशीय बिजली चमकने का भी पूर्वानुमान है।

हिमाचल परदेस में पेड़ काटे नहीं, भूस्खलन से उखड़ गए थे पेड़
प्रदेश के चंबा व कुल्लू जिले में अवैध कटान नहीं हुआ है। चंबा जिला के रावी व कुल्लू में ब्यास नदी में प्राकृतिक आपदा से आई बाढ़ व भूस्खलन के कारण लकड़ी बहकर आई थी। वन विभाग ने दोनों मामलों की जांच पूरी कर ली है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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