प्रकृति जब तक शांत रहती है तब तक की अच्छी लगती हैं जब वह अपने प्रकोप रूप में आती है तो सब कुछ नष्ट कर देती है। ऐसे ही इस समय प्रकृति अपने प्रकोप रूप में है जो बरसात के रूप में कहर बरसा रही है। इस प्रकोप में पंजाब और राजस्थान के बहुत बुरे हालात हो रहे हैं।
पंजाब के हालात
बरसात के प्रकोप से उत्तर भारत के कई राज्य प्रभावित हुए हैं जिसमें हमारी राजधानी दिल्ली भी शामिल है परंतु पंजाब की हालत तो बहुत दर्दनाक हो रही है लगातार बारिश नदियों के उफान से गांवों और कस्बों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।बरसात के प्रकोप ने वहां बाढ़ का रूप ले लिया है जिसमें 46 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई जगहों पर सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे आवागमन भी ठप हो गया है। बरसात के प्रकोप ने वहां बाढ़ का रूप ले लिया है जिसमें 46 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है।
राजस्थान के हालात
राजस्थान में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। कई ज़िलों में नदी-नाले उफान पर हैं और गांव पानी में डूबे हुए हैं। जयपुर, कोटा, भरतपुर और उदयपुर सहित कई इलाकों में सड़कें तालाब जैसी नज़र आ रही हैं। निचले इलाकों में घरों में पानी घुस गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री का बयान
इसी बीच प्रधानमंत्री ने अपने बयान देते हुए कहा है कि उन्हें घटना का बहुत दुख है और प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर हर संभव सहयोग करेगी ताकि बाढ़ पीड़ित लोगों को राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है और उन्होंने 9 सितंबर को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने का निर्णय लिया है।
मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा है कि अगले 24 घंटों में कई राज्यों में मूसलाधार बारिश जारी रह सकती है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव, नदियों का बढ़ता जलस्तर और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। लोगों को सावधानी बरतने और गैरज़रूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है।



