उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) ने सत्ताधारी बीजेपी को मात देने के लिए एक बहुत बड़ा मास्टरप्लान तैयार कर लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बड़े चुनावी अभियान का शंखनाद करने के लिए आने वाले सितंबर 2026 में ‘समाजवादी PDA रथ यात्रा’ पर निकलने वाले हैं। सूत्रों के हवाले से आ रही इस खबर ने यूपी के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव की इस रथ यात्रा की शुरुआत अयोध्या, मथुरा या काशी (वाराणसी) जैसे देश के बेहद प्रमुख और संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से किसी एक जगह से हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अखिलेश यादव किसी प्रमुख हिंदू धार्मिक केंद्र से अपने इस बड़े अभियान की शुरुआत करते हैं, तो इसके पीछे बीजेपी के पारंपरिक ‘हिंदुत्व’ के नैरेटिव का मुकाबला करने और मतदाताओं को एक संतुलित संदेश देने की बड़ी रणनीति हो सकती है।
सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ माहौल तैयार करेंगे
सपा प्रमुख पिछले काफी समय से ‘PDA’ यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सामाजिक समीकरण के फॉर्मूले को लेकर लगातार जमीन पर मुखर रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य मकसद यूपी के कोने-कोने में जाकर इस त्रिकोणीय सामाजिक ताने-बाने को अपनी पार्टी के पक्ष में और ज्यादा मजबूत करना है। रथ यात्रा के जरिए अखिलेश यादव सूबे के अलग-अलग जिलों में जाकर युवाओं, किसानों, और स्थानीय लोगों से सीधे तौर पर संवाद करेंगे और राज्य के जमीनी मुद्दों को लेकर सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ माहौल तैयार करेंगे।








