नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की शुरुआत हो रही है। भारत की मेजबानी में आयोजित इस सम्मेलन में 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं। दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के बीच संसदीय सहयोग बढ़ाने और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी संसद अध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान भारत और अन्य देशों के बीच संसदीय संबंधों को मजबूत करने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावी बनाने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।
सम्मेलन की मुख्य थीम जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को मजबूत बनाना है। इसके तहत सतत विकास, तकनीकी नवाचार, डिजिटल बदलाव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। प्रतिनिधि इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि संसदें आम लोगों की जरूरतों को पूरा करने और विकास की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में किस तरह योगदान दे सकती हैं।
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल, वैश्विक संस्थाओं में सुधार तथा विभिन्न देशों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषय भी प्रमुख रहेंगे। इसके अलावा, संसदीय प्रक्रियाओं के अनुभव साझा करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी।
भारत की मेजबानी में हो रहा यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संसदीय कूटनीति को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसमें शामिल देशों के प्रतिनिधियों के बीच विचारों के आदान-प्रदान से भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। सम्मेलन का समापन 27 अक्टूबर को होगा।








