मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अस्थायी रूप से बंद करने का ऐलान किया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार उसके मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना अनुमति गुजरने की कोशिश कर रहे एक जहाज पर IRGC ने चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। इसके बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए इस घटनाक्रम का असर वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।
उधर, अमेरिकी सेना ने दावा किया कि होर्मुज से गुजर रहे एक व्यापारी जहाज पर हमले के बाद उसने रविवार तड़के ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई शुरू की। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बंदर अब्बास, सिरिक, बुशहर, असलुयेह और केशम द्वीप के आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि इन घटनाओं में हुए नुकसान या हताहतों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता के उत्तराधिकारी माने जा रहे मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की बात दोहराई और कहा कि इसका जवाब दिया जाएगा।
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (एमओयू) हुआ था, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो इसका असर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी देखने को मिल सकता है।








