दक्षिण दिल्ली के थाना मैदानगढ़ी क्षेत्र अंतर्गत भाटी गांव में अवैध बोरिंग और प्रशासनिक मिलीभगत का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि GRAP-2 और NGT के स्पष्ट प्रतिबंधों के बावजूद हरियाणा-राजस्थान नंबर की डीजल से चलने वाली भारी बोरिंग मशीनों से अवैध रूप से बोरिंग कराई जा रही है। यह पूरा खेल एक फर्जी बोरिंग परमिशन की आड़ में चल रहा है, जिसके आधार पर एक ही खसरा भूमि पर तीन अलग-अलग फार्म हाउसों में बोरिंग कराई गई है। फर्जी परमिशन का खुलासा, सूत्रों के अनुसार,
Permission File No: BDO(S)/2025/44-47 दिनांक 28-10-2025
जिसे मनोज अग्रवाल और सीमा अग्रवाल, खसरा नंबर 1476/1477, गांव असोला के नाम पर दिखाया गया है — वह परमिशन पूरी तरह फर्जी और नियमविरुद्ध है।
नियमों के अनुसार:
- ऐसी किसी भी अस्थायी बोरिंग परमिशन की वैधता केवल 28 दिन होती है
- उक्त परमिशन अक्टूबर 2025 में जारी बताई गई, जिसकी वैधता कब की समाप्त हो चुकी है
- परमिशन में समय सीमा (Validity Period) का कोई उल्लेख तक नहीं है
- इसके बावजूद इसी परमिशन की फोटो कॉपी के सहारे: फार्म हाउस नंबर 64, फार्म हाउस नंबर 24 और आसपास दर्जनों स्थानों पर अवैध बोरिंग कराई गई
एक बोरिंग = 20 लाख रुपये रिश्वत का आरोप भाटी माइंस चौक इंचार्ज कमल शर्मा तथा मनजीत थानेदार थाना मैदान गड़ी रात में बोरिंग घोटाला कर रहे हैं. शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रति बोरिंग लगभग 20 लाख रुपये की रिश्वत लेकर पुलिस व संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से: एक ही जगह तीन-तीन बोरिंग, अवैध निर्माण और भूमिगत जल का दोहन कराया जा रहा है।
5 जनवरी की रात पकड़ी गई अवैध बोरिंग
दिनांक 5 जनवरी 2026, रात करीब 2 बजे, फार्म हाउस नंबर 52, गुरुजी आश्रम के पीछे, हरियाणा-राजस्थान नंबर की डीजल बोरिंग मशीन अवैध रूप से चलते हुए पाई गई। इस पर तत्काल 112 नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस की भूमिका संदिग्ध
मौके पर:चौकी इंचार्ज कमल शर्मा 9818004151,पुलिस कांस्टेबल मनजीत 9999060522 की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि: शिकायतकर्ता को धमकी दी गई,मशीन पहले बंद कराई गई लेकिन बाद में पुलिस और तहसीलदार साकेत आशीष दास मोबाइल नंबर 98990 32215 प्रशासन की मौजूदगी में उसी डीजल मशीन को दोबारा चालू करवा दिया गया,
वह भी बिना किसी वैध दस्तावेज जांच के। तथा पॉल्यूशन ग्रेप 2 जिसमें डीजल से चलने वाली सभी मशीन बंद है तथा जो मशीन लाई गई वह राजस्थान हरियाणा नंबर की थी जो पॉल्यूशन ग्रेट 2 में दिल्ली में एंट्री बंद है GRAP-2 और NGT के आदेशों की खुली अवहेलना
विशेषज्ञों के अनुसार :
- GRAP-2 के दौरान डीजल से चलने वाली मशीनें पूरी तरह प्रतिबंधित हैं
- NGT द्वारा बोरिंग पर पूर्ण रोक है
- इमरजेंसी में भी बोरिंग तभी हो सकती है जब DM, SDM, तहसीलदार, दिल्ली जल बोर्ड, NGO और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त समिति अनुमति दे
- इस मामले में ऐसी कोई बैठक या अनुमति नहीं ली गई।
- पहले भी हो चुकी हैं अवैध बोरिंग
तहसील स्टाफ के हवाले से खुलासा हुआ है कि:
- इससे पहले भी फार्म हाउस नंबर 24 और 64 में
- रात के समय अवैध बोरिंग कराई जा चुकी है
- लेकिन आज तक कोई जांच नहीं हुई
CBI जांच की मांग
इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, उपराज्यपाल, मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त, DPCC, DDA, MCD और विजिलेंस विभाग समेत 17 उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजकर मांग की है कि:
- पूरे घोटाले की CBI या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए
- दोषी पुलिसकर्मियों, तहसील प्रशासन, BDO और अन्य अधिकारियों पर FIR दर्ज हो
- अवैध बोरिंग मशीनें तत्काल जब्त की जाएं
- दक्षिण दिल्ली में चल रहे अवैध बोरिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए
पर्यावरण बनाम भ्रष्टाचार
एक तरफ दिल्ली में प्रदूषण और जल संकट को लेकर सख़्त नियम बनाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ उन्हीं नियमों को लागू कराने वाले अधिकारी रात के अंधेरे में डीजल मशीनें चलवाकर ज़मीन के नीचे और ऊपर दोनों का विनाश कर रहे हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर आरोपों परकार्रवाई करता है या मामला फाइलों में दबा दिया जाता है।








