नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में उस समय असामान्य स्थिति बन गई, जब CJP के बैनर तले पेपर लीक के विरोध में निकाले गए प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से आगे बढ़ते हुए संसद परिसर के करीब पहुंच गए। इसके बाद संसद के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई, जबकि अंदर भी माहौल तनावपूर्ण नजर आया।
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी कई बैरिकेड पार करते हुए संसद के नजदीक तक पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने संसद के कई प्रवेश द्वार एहतियातन कुछ समय के लिए बंद कर दिए। सांसदों के आने-जाने वाले गेट पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए और क्विक रिएक्शन टीम को अलर्ट मोड में रखा गया।
बाहर गूंजे नारे, अंदर सुनाई दी आंसू गैस की आवाज
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन तेज होने के साथ ही नारेबाजी और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की आवाजें संसद के अंदर तक सुनाई दे रही थीं। कुछ देर बाद आसमान में धुएं का गुबार भी दिखाई दिया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
घटना के दौरान कई विपक्षी सांसद प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे। संसद के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों पर की गई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
कुछ समय तक बंद रहे संसद के गेट
सुरक्षा कारणों से संसद के कई गेट कुछ समय के लिए बंद रखे गए। इस दौरान सांसदों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। परिसर में मौजूद कई सांसदों ने इंटरनेट सेवा बाधित होने की भी शिकायत की, जिससे बाहर की स्थिति की जानकारी लेने में दिक्कत हुई।
जांच और सुरक्षा पर फोकस
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और कानून-व्यवस्था की स्थिति की जांच की जा रही है। वहीं सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।








