CJP के संसद मार्च के बाद सोमवार देर रात भी राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन जारी रहा। पुलिस की कार्रवाई और दिनभर चले तनाव के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। हालांकि, प्रदर्शन स्थल पर बिजली व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग अंधेरे में ही डटे रहे।
दिनभर संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा और कड़ी कर दी है। कनॉट प्लेस और संसद मार्ग समेत कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें प्रदर्शन के दौरान पथराव और बैरिकेड तोड़ने जैसी घटनाएं दिखाई दे रही हैं। पुलिस इन वीडियो की जांच कर रही है।
संसद और NTA कार्यालय के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए संसद भवन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। दिन में संसद भवन के कुछ प्रवेश द्वार एहतियातन बंद किए गए थे और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
प्रदर्शन को लेकर विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने शिक्षा मंत्री से सीधे बातचीत न होने पर सवाल उठाए और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।
धरना स्थल हटाने पर बढ़ा विवाद
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर बनाए गए धरना स्थल और मंच को हटवा दिया। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया। इसके बाद भी देर रात बड़ी संख्या में समर्थक फिर से जंतर-मंतर पहुंच गए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखा।
हाई कोर्ट में होगी सुनवाई
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोनम वांगचुक से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में मंगलवार दोपहर सुनवाई होनी है। अदालत ने संबंधित पक्षों से मेडिकल जांच और अन्य दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। पुलिस का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।








