राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब आरोपितों की कथित अवैध संपत्ति और आय के स्रोतों तक पहुंच गई है। पुलिस उन लोगों की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है, जिन पर इस मामले में आरोप हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मंदिर से जुड़े रहने के दौरान उनकी आय और संपत्ति में कितना इजाफा हुआ।

पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में कुछ आरोपितों के नाम पर लाखों रुपये की संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। इसके साथ ही मंदिर में चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि चोरी की घटनाएं लंबे समय तक कैसे होती रहीं।

जांच अधिकारी का कहना है कि जैसे-जैसे नए दस्तावेज और सुराग सामने आ रहे हैं, उनसे जुड़े लोगों से पूछताछ का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। करीब 40 लोगों की सूची तैयार की गई है, जिनमें मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) सोमवार को दोबारा अयोध्या पहुंच सकती है। एसआईटी को 15 जुलाई तक अपनी अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी है।

इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को मणिरामदास छावनी में आयोजित होगी। बैठक में चढ़ावा चोरी मामले पर एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

बैठक के एजेंडे में मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति, आय-व्यय का विवरण, बैलेंस शीट की स्वीकृति और अन्य वित्तीय विषय भी शामिल हैं।

इसके अलावा, मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि तीन-स्तरीय प्रबंधन व्यवस्था लागू करने के सुझाव पर चर्चा होगी। इस दौरान तिरुपति बालाजी, काशी विश्वनाथ और वैष्णो देवी जैसे प्रमुख मंदिरों की प्रशासनिक व्यवस्था का अध्ययन कर राम मंदिर के प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी मंथन किया जाएगा।

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Author: Kinni Times

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