मिडिल ईस्ट में जंग तेज, हिजबुल्लाह की एंट्री से हालात और बिगड़े

SHARE:

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब पूरे मिडिल ईस्ट में फैलता नजर आ रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालात बेहद विस्फोटक हो गए हैं। ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

हिजबुल्लाह भी कूदा जंग में

लेबनान का शिया सशस्त्र संगठन Hezbollah भी अब खुलकर ईरान के समर्थन में सामने आ गया है। संगठन ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट दागे और इसे खामेनेई की मौत का बदला बताया। हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने हाइफा के दक्षिण में एक मिसाइल डिफेंस साइट को निशाना बनाया।
इजरायली सेना Israel Defense Forces (IDF) ने कहा कि लेबनान से दागे गए एक रॉकेट को इंटरसेप्ट कर दिया गया है और जवाबी कार्रवाई की गई है।

कुवैत में अमेरिकी सैनिकों की मौत

ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकाने पर हमला किया, जिसमें तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत और पांच के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। इजरायल में भी ईरानी मिसाइल एक सिनेगॉग पर गिरी, जिससे वहां शरण लिए नौ लोगों की मौत हो गई।

ट्रंप का बड़ा दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की नई लीडरशिप ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन जब तक अमेरिका अपने सभी लक्ष्य हासिल नहीं कर लेता, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा। ट्रंप ने दावा किया कि दो दिनों में 48 ईरानी नेताओं को मार गिराया गया है। उन्होंने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से सरेंडर करने की अपील भी की और ईरानी जनता से सरकार बदलने का आह्वान किया।

1000 से ज्यादा टारगेट पर हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड United States Central Command ने बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के पहले 24 घंटों में ईरान के 1000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें कमांड सेंटर, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का जॉइंट हेडक्वार्टर शामिल है।

यूरोप और ब्रिटेन की प्रतिक्रिया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अमेरिका को अपने सैन्य बेस इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है। वहीं इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के नेता फ्रेडरिक मर्ज के साथ संयुक्त बयान में ईरान से हमले रोकने की अपील की गई है।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने भी तनाव कम करने की अपील की है।

तेल बाजार में उछाल

ईरान पर हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड करीब 9% बढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि नाइमेक्स में भी 8% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।

लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई से पूरे मिडिल ईस्ट में हालात युद्ध जैसे बन गए हैं। दुनिया की नजर अब इस पर है कि क्या कूटनीतिक कोशिशें इस टकराव को रोक पाएंगी या संघर्ष और व्यापक रूप लेगा।

Kinni Times
Author: Kinni Times

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *