दक्षिण दिल्ली के भाटी गांव में अवैध माइनिंग, हरे-भरे पेड़ों की कटाई और नियमों के खिलाफ निर्माण को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। गुरुजी आश्रम के पीछे स्थित फॉर्म नंबर 24 को लेकर उच्च स्तर पर शिकायत भेजी गई है।
शिकायत के अनुसार, फॉर्म नंबर 24 पर जेसीबी और पोकलैंड जैसी भारी मशीनों से लगातार जमीन की खुदाई कर पत्थरों की अवैध माइनिंग की जा रही है और निकाले गए पत्थरों को बेचा जा रहा है। इस संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर सूचना देने के बावजूद मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।
मामले में यह भी कहा गया है कि उक्त क्षेत्र में सैकड़ों हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई की गई है। साथ ही तीन से चार गैरकानूनी ट्यूबवेल बोरिंग कर भूजल का दोहन किया जा रहा है। परिसर में कोठी, स्विमिंग पूल और ऊँची-ऊँची दीवारों का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर किए जाने का भी दावा किया गया है।
बताया गया है कि यह जमीन वन विभाग की संरक्षित सीमा और वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी से सटी हुई है, जहाँ इस प्रकार की गतिविधियाँ पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन हैं। भारी मशीनों से हो रहे शोर, धूल और प्रदूषण से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास पर भी असर पड़ने की बात कही गई है।

स्थानीय सूत्रों के हवाले से यह आरोप भी सामने आया है कि यह अवैध गतिविधि कुछ राजस्व और पुलिस कर्मियों की कथित मिलीभगत से जारी है।
मामले को गंभीर बताते हुए Delhi Development Authority, Municipal Corporation of Delhi और Delhi Police सहित संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।








