नई दिल्ली के भाटी गांव स्थित गुरुजी आश्रम के पीछे बने कई फार्म हाउसों में बड़े पैमाने पर अवैध बोरिंग, अवैध खनन और पर्यावरण विनाश को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, उपराज्यपाल, दिल्ली सरकार, पुलिस, विजिलेंस, नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड और प्रदूषण नियंत्रण समिति सहित 20 से अधिक शीर्ष अधिकारियों को औपचारिक आपराधिक शिकायत भेजी गई है।
शिकायत के अनुसार, 31 दिसंबर और 1 जनवरी की रात को फार्म हाउस नंबर 24 और 64 सहित अन्य फार्म हाउसों में भारी मशीनों के जरिए गैरकानूनी अवैध बोरिंग कराई गई। आरोप है कि प्रति बोरिंग करीब 20-20 लाख रुपये की रिश्वत लेकर यह काम कराया गया।
मामले में थाना मैदान गढ़ी के अंतर्गत भाटी माइंस चौकी में तैनात पुलिसकर्मी मनजीत पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि मनजीत (मोबाइल नंबर 9999060522) ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध बोरिंग, अवैध निर्माण और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को मोटी रिश्वत लेकर संरक्षण दिया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि पुलिस की मिलीभगत से इलाके में भूमिगत जल माफिया सक्रिय है। इसमें देवेंद्र उर्फ कालू (मोबाइल नंबर 9818624601) का नाम सामने आया है, जिस पर अवैध बोरिंग का नेटवर्क चलाने और फार्म हाउसों में गैरकानूनी जल दोहन कराने के आरोप हैं।
इसके अलावा, गुरुजी आश्रम के पीछे पिछले करीब तीन महीनों से पोकलैंड और जेसीबी मशीनों से प्राकृतिक पत्थरों की तुड़ाई कर अवैध खनन किए जाने का भी आरोप है। शिकायत के अनुसार, हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई कर पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है, जबकि प्रतिदिन लाखों रुपये की अवैध कमाई की जा रही है।
शिकायत में वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा, गैरकानूनी निर्माण, पशु चोरी और संगठित अवैध वसूली जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। फार्म हाउस नंबर 64 में की गई अवैध बोरिंग का वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने का दावा किया गया है, जिसे जांच एजेंसियों को सौंपे जाने की बात कही गई है।
मामले में उच्चस्तरीय विजिलेंस/CBI/ACB जांच, आरोपी पुलिसकर्मी और भूमाफिया के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) व लोकेशन जांच, अवैध बोरिंग वाले फार्म हाउसों को सील करने, दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने और आरोपी पुलिसकर्मी को निलंबित करने की मांग की गई है।
यह मामला जनहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा होने के कारण अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।








