फर्जी परमिशन के सहारे बोरिंग! NGT के आदेशों की खुलेआम अवहेलना, प्रशासन पर उठे सवाल

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नई दिल्ली, गदाईपुर। दक्षिण दिल्ली के गदाईपुर गुरुद्वारा रोड स्थित फॉर्म नंबर-2, सी.एन.-299 पर कथित तौर पर फर्जी अनुमति पत्र के आधार पर बोरिंग कर भूजल दोहन किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित निर्माण स्थल पर बिना वैध अनुमति के बोरिंग का कार्य कराया जा रहा है, जिससे National Green Tribunal (NGT) के आदेशों और भूजल संरक्षण नियमों का उल्लंघन हो रहा है। पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर शिकायत दर्ज कराई गई परंतु थाना फतेहपुर बेरी की पुलिस ने मशीन को भगा दिया

NGT कई मामलों में स्पष्ट कर चुका है कि बिना वैध अनुमति के संचालित बोरवेलों को सील किया जाना चाहिए और अवैध भूजल दोहन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हाल के आदेशों में भी NGT ने दिल्ली में अवैध बोरवेलों को स्थायी रूप से बंद करने और जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि बोरिंग के लिए प्रस्तुत की गई अनुमति फर्जी है, तो यह केवल पर्यावरणीय नियमों का ही नहीं बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं का भी गंभीर उल्लंघन है। लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण क्षेत्र में अवैध भूजल दोहन को बढ़ावा मिल रहा है।

निवासियों ने थाना फतेहपुर बेरी, दिल्ली जल बोर्ड, राजस्व विभाग तथा पर्यावरण अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में भूजल स्तर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों की मांग:

बोरिंग की अनुमति की जांच हो।

फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर FIR दर्ज की जाए।

अवैध बोरवेल को तत्काल सील किया जाए।

संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो।

Kinni Times
Author: Kinni Times