प्लॉट न. D 93 सो फूटा मैन रोड छतरपुर सील अवैध निर्माण पर दोबारा गतिविधि का आरोप, प्रधानमंत्री की तस्वीरें लगने से बढ़ा विवाद; जांच की मांग तेज

SHARE:

 

संसद में एक बार फिर अवैध निर्माण को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। स्थानीय सूत्रों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिस निर्माण को पहले प्रशासन द्वारा ध्वस्त कर सील किया गया था, उसी स्थान पर दोबारा गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि उक्त स्थल पर प्रधानमंत्री की तस्वीरें लगाई गई हैं, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

यह प्रकरण अमरोहा से सांसद Kanwar Singh Tanwar से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित जमीन DDA नोटिफ़ाइएड सरकारी एजेंसी की बताई जा रही है और उस पर दोबारा कब्जे की कोशिश की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi की तस्वीरें लगाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे अनावश्यक रूप से उनकी छवि को विवाद में घसीटा जा रहा है तथा इसके अलावा दर्जनों कमर्शियल बैस्मन्ट, शोरूम बनाए जा रहे है जिनके खसरा नों 133, 134, 135, 136, 137, 141, 142, 143, 144, 145, 286, 281, 283/2, 283/1, 298, 305/1, 274/2, 267, 266, 273, 287, 288/2, 306, 308/1, 305/2, सहित कई भूखंडों पर निर्माण गतिविधियां जारी हैं। फार्महाउस नंबर D-52 तथा D-93 (छतरपुर मेन रोड), महेश 669/670/671 नंदा अस्पताल के सामने 633,634,637 CN 116 .CN 117 रिवाड़ी फार्म मैदानगढ़ी रोड भी शामिल है ओर इन सब पर भी डिमोलिशन हो चुकी है छतरपुर विधानसभा मे जंगल राज जेस लग रहा है तमाम काननों कायदों की धजीय उड़ा कर काननों का मजाक उड़ाया जा रहा है हरियाली को नष्ट करके कंक्रीट का जंगल बनाया जा रहा है पर्यावरण को हानी पोहोचाई जा रही है पहले अवैध निर्माण के लिए रिश्वत ली जाती है तथा फिर डिमोलिशन करते समय डिमोलिशन का ड्रामा करके रिश्वत ली जाती है फिर दोबारा डिमोलिशन की गई बिल्डिंग को दोबारा बनवा दिया जाता है जिसका उदाहरण छतरपुर 100 फूटा मेंन रोड है । कुछ सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अब तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मामला जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है, जबकि क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज बनी हुई है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *