पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून का असर अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। पहाड़ों और सहारनपुर में लगातार हुई भारी बारिश के बाद हथनीकुंड बैराज में पानी की आवक बढ़ गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बैराज से यमुना नदी में हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे यमुना किनारे बसे कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन ने सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर के यमुना तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों को नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। बढ़ते जलस्तर का असर आगे चलकर गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली में भी देखने को मिल सकता है।
हालांकि फिलहाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश थम गई है, लेकिन आसमान में बादल छाए हुए हैं और मौसम सुहावना बना हुआ है। वहीं पिछले कुछ दिनों की लगातार बारिश के कारण हिंडन और पांवधोई नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई निचले इलाकों में जलभराव से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने और कई जगह पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे जाने से बचें, मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।








