Punjab and Haryana High Court ने 2002 में पत्रकार Ram Chandra Chhatrapati की हत्या के मामले में Gurmeet Ram Rahim Singh को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सकी।
चीफ जस्टिस Sheel Nagu की अगुवाई वाली बेंच ने करीब 113 पन्नों के फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष का मुख्य गवाह कई बार अपने बयान बदलता रहा, इसलिए उसकी गवाही पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अदालत के मुताबिक जब किसी मामले में आरोपी के दोषी और निर्दोष होने की दो संभावनाएं हों, तो कानून के अनुसार आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाता है।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि मुख्य गवाह खट्टा सिंह ने कई साल तक चुप्पी साधे रखी और बाद में अपने बयान बदलता रहा, जिससे उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। अदालत ने उसके उस बयान को भी खारिज कर दिया जिसमें उसने राम रहीम से धमकी मिलने की बात कही थी।
हालांकि अदालत ने इस मामले में अन्य तीन आरोपियों की सजा को बरकरार रखा है। इससे पहले पंचकुला की विशेष CBI अदालत ने 2019 में राम रहीम को इस मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
गौरतलब है कि Dera Sacha Sauda प्रमुख गुरमीत राम रहीम फिलहाल Sunaria Jail में बंद हैं। वह 2017 में दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहे हैं।








