उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को मिली जमानत के विरोध में रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन में आईसा के बैनर तले जेएनयू और डीयू के छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सेंगर की जमानत रद्द करने और उसे फांसी देने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब एक महिला कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में पोस्टर लेकर वहां पहुंच गई। पीड़िता के समर्थन में जुटे लोगों के साथ महिला की तीखी बहस हो गई, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।
लगातार नारेबाजी, भीड़ और मानसिक दबाव के चलते उन्नाव रेप पीड़िता और उनकी मां की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की। इसके बाद CRPF के जवानों ने मां-बेटी को तुरंत वाहन से अस्पताल पहुंचाया।
छात्रों का प्रदर्शन, इंसाफ के नारे
उन्नाव रेप पीड़िता अपनी मां और अन्य महिलाओं के साथ दोपहर करीब एक बजे जंतर-मंतर पहुंचीं। प्रदर्शन के दौरान छात्र ढपली बजाकर ‘इंसाफ चाहिए’ और ‘फांसी दो’ जैसे नारे लगाते रहे। कई छात्रों के हाथों में
‘हत्यारे बलात्कारी कुलदीप सिंह सेंगर की बेल रद्द करो’,
‘उन्नाव रेप पीड़िता को न्याय दो’
जैसे पोस्टर नजर आए।
छात्रों का कहना था कि दोषी को जमानत मिलना पीड़िता के साथ दोबारा अन्याय है और इससे न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
पीएम से मिलने का समय मांगा
प्रदर्शन के दौरान रेप पीड़िता ने कहा कि वह उन सभी बहनों और बेटियों की आभारी हैं, जो उनके साथ खड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि ऐसे अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा। पीड़िता ने यह भी स्पष्ट किया कि वह हाई कोर्ट पर नहीं, बल्कि मामले की सुनवाई करने वाले जजों के फैसले पर सवाल उठा रही हैं। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा और कहा कि उनकी फैमिली सुरक्षित नहीं है।
हिंदी में बहस की मांग
पीड़िता ने मांग की कि उनके केस की सुनवाई हिंदी में की जाए। उनका कहना था कि कोर्ट में अंग्रेजी में हुई बहस को वह पूरी तरह समझ नहीं सकीं, अगर बहस हिंदी में होती तो वह अपना पक्ष बेहतर तरीके से रख पातीं।
भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर रखा था। शाम तक मौके पर डीसीपी देवेश कुमार महला भी मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी गई।








