नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के गांव भाटी, तहसील साकेत, थाना मैदान गढ़ी क्षेत्र में पर्यावरण और कानून व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार खसरा नंबर 183, 186, 187, 191, 192, 1947, 185, 190, 193 और 194 की कृषि भूमि पर लगभग 100 हरे-भरे और वर्षों पुराने पेड़ों को काट दिया गया है। आरोप है कि यह कटाई पिछले एक सप्ताह से रात के समय कराई जा रही है ताकि प्रशासनिक निगरानी से बचा जा सके।
बताया जा रहा है कि पेड़ों को काटकर जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा जा रहा है और अवैध प्लॉटिंग कर कॉलोनी का रूप दिया जा रहा है। यह भूमि मूल रूप से खेती के लिए दर्ज है, लेकिन उस पर कथित रूप से कमर्शियल गतिविधियां चलाई जा रही हैं, जो संबंधित भूमि और पर्यावरण कानूनों का सीधा उल्लंघन है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दक्षिणी दिल्ली वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुनीत तिवारी पर लाखों रुपये की रिश्वत लेकर कार्रवाई न करने और पेड़ों की कटाई को संरक्षण देने का गंभीर आरोप है। वहीं थाना मैदान गढ़ी के थाना अध्यक्ष और डिवीजन स्तर के एक अधिकारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कथित मिलीभगत और संरक्षण देने के आरोप लगाए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वन विभाग और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करें और गूगल मैप या सैटेलाइट इमेज के माध्यम से पहले और अब की स्थिति की तुलना कराएं, तो स्पष्ट हो जाएगा कि कितने पेड़ काटे गए हैं और किस पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग की गई है।
शिकायतकर्ताओं ने एंटी करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही भूमिया फार्म हाउस के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है, जिन पर हरे पेड़ कटवाने और कृषि भूमि पर गैरकानूनी निर्माण कराने में भूमिका होने का आरोप है।
मामला पर्यावरण संरक्षण, भूमि उपयोग नियमों और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है।








