जंतर-मंतर पर फिर जुटने लगे प्रदर्शनकारी, सुरक्षा बढ़ी; हिंसा के बाद पुलिस हाई अलर्ट पर

SHARE:

नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर गुरुवार को भी प्रदर्शन जारी है। बुधवार को हुए हिंसक घटनाक्रम के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

बुधवार को प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए जब कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर पथराव और पानी की बोतलें फेंके जाने से दो एसीपी सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने पहले हल्का बल प्रयोग किया और बाद में आंसू गैस के गोले छोड़कर तथा लाठीचार्ज कर स्थिति पर काबू पाया। सभी घायल पुलिसकर्मियों का अस्पताल में उपचार कराया गया।

घटना के बाद रातभर जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहीं। गुरुवार सुबह से ही प्रदर्शनकारी फिर से जंतर-मंतर पहुंचने लगे, जिसके चलते संसद मार्ग, टालस्टॉय मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है।

इस बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए सरकार से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ की 20 कंपनियां दिल्ली भेजने का फैसला किया है। बुधवार को एहतियात के तौर पर जनपथ, कनॉट प्लेस और आसपास के 16 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार कुछ समय के लिए बंद कर दिए गए थे, जिन्हें बाद में स्थिति सामान्य होने पर खोल दिया गया।

प्रदर्शन का दायरा बुधवार को जंतर-मंतर से बढ़कर संसद मार्ग और टालस्टॉय मार्ग तक पहुंच गया था। पुलिस के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिसके चलते सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन अब सरकार से बातचीत केवल जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर ही करेगा। वहीं, संगठन के दूसरे नेताओं का कहना है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन को कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा सहित कई राज्यों से लोग जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं, जिससे आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।

Kinni Times
Author: Kinni Times