नई दिल्ली, छतरपुर( किन्नी टाइम्स) : दिल्ली जल बोर्ड द्वारा छतरपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों जैसे कि छतरपुर, सतवारी, चंदन हुल, असोला, फतेहपुर बेरी, मंगलापुरी, सुल्तानपुर एवं सुमन रोड में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से घटिया गुणवत्ता की पाइप लाइनें डाली जा रही हैं, जो बिना ISI मार्क और कम वजन वाली लोकल कंपनियों की बनी हैं. लेकिन प्रशासन इसको लेकर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है. कई पाइप तो डालते समय ही टूट जाते हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइप के ऊपर जो रिपेयरिंग वर्क किया जा रहा है, उसमें भी घटिया किस्म की रोडी, बदरपुर और बेहद कम मात्रा में सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आरसीसी की परतें बनते ही टूटने लगी हैं. कई स्थानों पर सिविल लाइन का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है जिससे गलियों में कीचड़ और गंदे पानी का जमाव हो रहा है.
स्थानीय जनता के आरोप
सबसे गंभीर आरोप यह है कि दिल्ली जल बोर्ड ने सिविल लाइन के लिए बिना किसी पुख्ता प्लानिंग और जल स्तर का अध्ययन किए ही कार्य शुरू करवा दिया. क्षेत्रवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपए के वर्क ऑर्डर एक ही बड़ी कंपनी को दिए गए थे, जो उन्हें अवैध रूप से छोटे-छोटे ठेकेदारों को बांटकर काम करवा रही है. यह सीधे तौर पर टेंडर शर्तों का उल्लंघन है, क्योंकि मुख्य कंपनी को ही पूरा कार्य करना था स्थानीय निवासियों ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए प्रशासन से शिकायत भी दर्ज करवाई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. कई इलाकों में पिछले छह महीनों से खुदी पड़ी गलियों में सिविल लाइन अधूरी छोड़ दी गई है, जिससे गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों और घरों में भर रहा है. इससे बदबू, प्रदूषण और बच्चों के गिरने की घटनाएं आम हो गई हैं छतरपुर के नागरिकों ने इस मामले को एक बड़े घोटाले की संज्ञा दी है और प्रशासन से मांग की है कि इसकी निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.



