अपनी लंबित मांगों को लेकर किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर प्रदर्शन किया। आंदोलन में ग्रेटर नोएडा और नोएडा के कई गांवों से किसान पहुंचे। महिलाओं की भी अच्छी-खासी भागीदारी देखने को मिली। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्राधिकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया।
प्रदर्शन को देखते हुए प्राधिकरण कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कुछ समय के लिए किसानों ने प्राधिकरण परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए और साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
किसान संघर्ष मोर्चा के इस प्रदर्शन में किसान सभा, किसान परिषद और किसान एकता संघ के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। समाजवादी पार्टी ने भी किसानों के आंदोलन का समर्थन किया। सपा के जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन में पहुंचे और किसानों की मांगों का समर्थन किया।
किसान नेता डॉ. रूपेश वर्मा ने कहा कि किसान वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कई महत्वपूर्ण मांगें अधूरी हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को अब तक 4 प्रतिशत आबादी के प्लॉट नहीं मिले हैं, जबकि जमीनों के सर्किल रेट में भी लंबे समय से बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके अलावा आबादी निस्तारण और नए कानून को लागू करने जैसी मांगें भी अब तक पूरी नहीं हुई हैं।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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