करोड़ों रुपए की सरकारी वन भूमि पर कब्जा: असोला में प्रशासन और पुलिस पर मिलीभगत के गंभीर आरोप

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नई दिल्ली के दक्षिणी दिल्ली स्थित असोला गांव (तहसील साकेत, थाना मैदान गढ़ी) से एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव में स्थित करोड़ों रुपये की सरकारी वन विभाग की भूमि पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। बताया जा रहा है कि पिछले डेढ़ महीने से रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों के जरिए जमीन को समतल किया जा रहा है।

खसरा नंबर

शिकायतकर्ता के अनुसार, यह जमीन खसरा नंबर 1671, 1672, 1668, 1669, 1316, 1311 और 1310 से संबंधित है।

जानकारी के अनुसार, करीब 30 फीट चौड़ा और 2000 फीट लंबा रास्ता अवैध रूप से बनाकर इसे फार्महाउस नंबर C-4, असोला शनि धाम रोड से जोड़ा गया है।

भ्रष्टाचार और मिलीभगत के आरोप

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि थाना मैदान गढ़ी, एसडीएम साकेत और वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से यह कब्जा हो रहा है।

बताया गया है कि करोड़ों रुपये की रिश्वत लेकर अधिकारियों ने भू-माफियाओं को संरक्षण दिया है।

अवैध निर्माण और पेड़ों की कटाई

शिकायत में कहा गया है कि वन भूमि पर लोहे के स्ट्रक्चर लगाकर टेंट हाउस के गोदाम बनाए गए हैं,

वन विभाग की पुरानी दीवार तोड़ दी गई है,

दो अवैध ट्यूबवेल बोरिंग की गई हैं,

और हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई भी की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सबकी पुष्टि गूगल मैप्स के माध्यम से की जा सकती है।

वन चौकी के बावजूद कार्रवाई नहीं

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां यह अवैध गतिविधियां हो रही हैं, वहीं वन विभाग की चौकी मौजूद है, और अधिकारी तैनात हैं।

इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

शिकायत के बाद भी निष्क्रिय पुलिस

शिकायतकर्ता ने 2 सितंबर 2025 को पुलिस कंट्रोल रूम (112) पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।

17 अक्टूबर 2025 की रात को भी जेसीबी मशीन से वन भूमि पर कब्जे का काम जारी है।

आरोप है कि थाना अध्यक्ष मैदान गढ़ी की मिलीभगत से यह अवैध कार्य अब भी जारी है, जबकि थाना घटनास्थल से आधा किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित है।

शिकायतकर्ता की प्रमुख मांगें

1. वन भूमि की दोबारा नाप-तोल और अवैध निर्माण को हटाने की मांग।

2. अवैध रास्ते को बंद करने और बोरिंग को सील करने की अपील।

3. काटे गए पेड़ों पर मुकदमा दर्ज कर शेष पेड़ों की वीडियोग्राफी कराने की मांग।

4. सीबीआई जांच और दोषी अधिकारियों के निलंबन की मांग।

5. राजस्व रिकॉर्ड की जांच और एंटी करप्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग।

शिकायत की प्रतियां भेजी गईं

शिकायत की प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार, उपराज्यपाल, पुलिस आयुक्त,

साथ ही BSES और दिल्ली जल बोर्ड को भी भेजी गई हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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