ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में एक बड़े और विनाशकारी युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। इजरायल और वाशिंगटन की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाइयों की सुगबुगाहट के बीच, तेहरान ने बेहद सख्त लहजे में अपनी प्रतिक्रिया दी है। ईरान की संसद (मजलिस) के सदस्य और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान पर किसी भी तरह का हमला किया गया, तो वे पूरे क्षेत्र को वापस “स्टोन एज” (पाषाण युग) में पहुंचा देंगे। इस धमकी ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह साफ तौर पर दर्शाता है कि ईरान अब किसी भी तरह के संघर्ष से पीछे हटने के मूड में नहीं है।
अन्य ऊर्जा ढांचे भी सुरक्षित नहीं रहेंगे
ईरानी सांसद इब्राहिम रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्ट किया कि किसी भी दुश्मन के हमले का जवाब केवल फारस की खाड़ी के इलाके तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने यह साफ कर दिया है कि ईरान न केवल दुश्मन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा, बल्कि उस जमीन और एयरबेस पर भी भीषण हमला करेगा जहां से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की शुरुआत की जाएगी। रेजाई ने अमेरिका की सोच पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वाशिंगटन को यह गलतफहमी है कि वह बाजार बंद होने के दो दिनों के भीतर कोई तेज और विनाशकारी हमला कर ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकता है। उन्होंने इसे एक भ्रम करार दिया और दावा किया कि यह विचार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मन में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने डाला है। ईरानी नेतृत्व यह चेतावनी भी दे चुका है कि ऊर्जा या तेल प्रतिष्ठानों पर हमले की स्थिति में क्षेत्र के अन्य ऊर्जा ढांचे भी सुरक्षित नहीं रहेंगे, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा सकता है।








