मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। बीती रात दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज रहीं, जबकि कई बड़े दावे और घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।
ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके अलावा ईरानी सेना ने यह भी कहा कि उत्तरी हिंद महासागर में दुश्मन के एक जहाज़ पर क्रूज़ मिसाइलों से हमला किया गया है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने लगातार सातवीं रात ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसी दौरान ईरान के कई शहरों में विस्फोटों की खबरें भी सामने आईं। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो टैंकरों में धमाके के बाद आग लगने की सूचना मिली, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
हालांकि, ईरान ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले का दावा किया गया था। तेहरान का कहना है कि परमाणु संयंत्र पूरी तरह सुरक्षित है और इस तरह की खबरें बेबुनियाद हैं।
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी जमीन के “एक-एक इंच” की सुरक्षा आखिरी सांस तक करेगा।
मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच पूरी दुनिया की नजर इस संघर्ष पर बनी हुई है, क्योंकि इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।







