पश्चिम एशिया में जारी ईरान-अमेरिका संघर्ष अब और ज्यादा खतरनाक मोड़ लेता जा रहा है।
युद्ध अपने दूसरे महीने में पहुंच चुका है
और दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी कार्रवाई तेज हो गई है।

ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि उसने अमेरिका का एक एफ-15ई और ए-10 लड़ाकू विमान मार गिराया है।
बताया जा रहा है कि यह घटना होर्मुज स्ट्रेट के पास हुई।
हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने फारस की खाड़ी में एक फाइटर जेट के क्रैश होने की पुष्टि की है
और एक पायलट को सुरक्षित बचा लेने का दावा किया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।

बताया जा रहा है कि लापता पायलट की खोज में लगे
एक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को भी ईरान ने निशाना बनाकर गिराने का दावा किया है।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
इसी बीच, ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों—बहरीन, कुवैत, यूएई और जॉर्डन—को भी चेतावनी दी है।
ईरान ने कहा है कि वह इन देशों के अहम पुलों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना सकता है।
वहीं, खाड़ी क्षेत्र में हमलों का असर भी देखने को मिला है।
कुवैत की एक तेल रिफाइनरी में आग लगने और पानी के प्लांट को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। सऊदी अरब ने भी कई ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है, जबकि यूएई में गैस क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी विमान गिराए जाने की घटना का ईरान के साथ चल रही बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में सफल हो सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि फिलहाल तनाव कम होने के आसार नहीं हैं।
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