झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आक्रोश शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि, वार्ता के बावजूद छात्र नेताओं ने अपना आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रखने का साफ ऐलान कर दिया है।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मुख्य मांगें—विशेष रूप से 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने और भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच—पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे अपना सत्याग्रह और धरना खत्म नहीं करेंगे।
पूरे प्रदेश भर के अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हुई
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर अड़े छात्र उल्लेखनीय है कि राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में अभ्यर्थी लगातार भर्ती एजेंसियों की जांच, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत के दरवाजे जरूर खुले हैं, लेकिन राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा यह मुद्दा किसी खोखले आश्वासन पर खत्म नहीं होगा। शनिवार को होने वाली इस बैठक के नतीजों पर अब पूरे प्रदेश भर के अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हुई हैं।








