पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक जोरदार हंगामा खड़ा हो गया। प्रेस वार्ता के दौरान भीड़ में मौजूद एक युवक ने संसद में विरोध प्रदर्शन और धार्मिक भावनाओं को लेकर पप्पू यादव से तीखे सवाल पूछने शुरू कर दिए। बातचीत के दौरान देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के साथ धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस दौरान सांसद के समर्थकों ने सवाल पूछने वाले युवक को चारों तरफ से घेर लिया। इसी अफरा-तफरी के बीच युवक ने सांसद की तरफ चप्पल फेंक दी, जिसके बाद वहां मौजूद समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा और युवक की जमकर पिटाई कर दी गई।
सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही
घटना के तुरंत बाद सांसद पप्पू यादव ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे अपनी जान लेने की पूर्व-नियोजित साजिश करार दिया। पप्पू यादव ने कहा कि हमलावर मामूली विरोध दर्ज कराने नहीं आया था, बल्कि वह अपने पास धारदार चाकू छिपाकर लाया था और उनकी हत्या करने की नीयत से उनके करीब पहुंचा था। सांसद ने दावा किया कि यदि वक्त रहते सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों ने उसे दबोचा न होता तो कोई बड़ी अनहोनी घट सकती थी। उन्होंने प्रशासन और दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।








