दिल्ली में SIR को लेकर विशेष शिविर, छूटे पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने का मिलेगा मौका

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नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत छूटे हुए पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने के लिए निर्वाचन कार्यालय विशेष शिविर आयोजित करेगा। दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर 20 और 27 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मतदाता अपनी जानकारी की जांच करने के साथ सूची में नाम शामिल कराने से जुड़ी प्रक्रिया में सहायता ले सकेंगे।

20 और 27 सितंबर को सभी मतदान केंद्रों पर शिविर

निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, SIR के दौरान जिन पात्र मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, उन्हें दावा दाखिल करने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया जा रहा है। इसके लिए 20 और 27 सितंबर को दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे।

बेघर, थर्ड जेंडर और यौनकर्मियों के लिए अलग कैंप

बेघर मतदाताओं, थर्ड जेंडर और यौनकर्मियों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए 23 और 24 सितंबर को विशेष अभियान चलाया जाएगा। इन दोनों दिनों में रात आश्रय स्थलों और अन्य चिन्हित स्थानों पर शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक शिविर आयोजित होंगे।

इन शिविरों में बूथ लेवल अधिकारी मौजूद रहेंगे और पात्र लोगों को मतदाता पंजीकरण से संबंधित प्रक्रिया में सहायता दी जाएगी। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, ऐसे वर्गों तक पहुंच बनाने के लिए संबंधित संगठनों और एनजीओ की मदद भी ली जा रही है।

ड्राफ्ट सूची में 97.53 लाख मतदाता

SIR के तहत 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में दिल्ली के 97,53,577 मतदाता शामिल हैं। निर्वाचन अधिकारियों के घर-घर सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नाम भी चिन्हित किए गए, जिनके मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, अनुपस्थित मिले हैं, मृत हैं या एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं।

बताए गए आंकड़ों के अनुसार, करीब 47.56 लाख मतदाताओं से जुड़ी ऐसी प्रविष्टियां चिन्हित की गई हैं। इनमें 43,32,775 स्थायी रूप से स्थानांतरित/अनुपस्थित/अन्य श्रेणी में, 2,82,412 मृत और 1,41,535 डुप्लीकेट मतदाता बताए गए हैं।

बेला एस्टेट का उदाहरण

निर्वाचन कार्यालय ने चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र के बेला एस्टेट का उदाहरण भी दिया है। SIR से पहले बस्ती टूटने के कारण कई मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले थे, जिसके चलते उनके आवेदन जमा नहीं हो पाए। बाद में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान यहां से 309 आवेदन प्राप्त हुए।

यह उदाहरण बताता है कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान छूटे पात्र मतदाताओं तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान और शिविर लगाए जा रहे हैं।

31.63 लाख नोटिस जारी

SIR के तहत अब तक 31,63,930 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। ये नोटिस उन मतदाताओं को दिए गए हैं, जिनका नाम पिछली गहन पुनरीक्षण सूची से लिंक नहीं हो पाया या उनके रिकॉर्ड में किसी तरह की विसंगति सामने आई।

नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के समक्ष अपना जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार नोटिस से जुड़े मामलों के निपटारे की प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी की जानी है।

ऑनलाइन भी देख सकते हैं मतदाता सूची

मतदाता अपना नाम और मतदाता संबंधी जानकारी निर्वाचन आयोग के Voters’ Services Portal पर भी जांच सकते हैं। पोर्टल के माध्यम से मतदाता सूची में नाम खोजने, नए पंजीकरण, सुधार और आवेदन की स्थिति जैसी सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।

SIR का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र या गलत प्रविष्टियों की पहचान करना है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और सत्यापन प्रक्रिया के तहत संचालित की जा रही है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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