असम में पूर्वोत्तर की नदियां उफान पर होने और मानसून की लगातार बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति बेकाबू होती जा रही है। राज्य के कई जिले जलमग्न हैं और इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 100 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने लाखों लोगों के सामने रहने और खाने-पीने का गहरा संकट खड़ा कर दिया है। कई इलाकों में पानी भर जाने से संपर्क मार्ग कट गए हैं, जिससे राहत और बचाव अभियानों में भी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार को जारी ‘डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम’ (DRIMS) असम के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अब तक जान गंवाने वाले 100 लोगों में 60 पुरुष, 23 महिलाएं और 18 बच्चे शामिल हैं। बच्चों की दुखद मौतों में 12 लड़के और 6 लड़कियां शामिल हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में कछार और शिवसागर जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जहां जलभराव और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के कारण जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है।
आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूब जाने से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन, राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बल (NDRF और SDRF) की टीमों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों तक पहुंचाने में जुटा हुआ है। बाढ़ प्रभावितों तक सूखे राशन, पीने के पानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।








