रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन जल्द ही भारत दौरे पर आने वाले हैं। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने इस दौरे की पुष्टि मॉस्को में की है। ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध (Trade War) छिड़ा हुआ है, पुतिन का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
अजीत डोभाल ने की पुष्टि, साल के अंत तक आएंगे पुतिन
एनएसए अजीत डोभाल ने कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन इस साल के अंत तक भारत का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब अमेरिका द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 50% टैरिफ लगाया गया है। पुतिन की यह यात्रा भारत-रूस के 23वें शिखर सम्मेलन के तहत होगी।
भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी होगी और गहरी
मॉस्को दौरे के दौरान अजीत डोभाल ने स्पष्ट किया कि भारत और रूस रणनीतिक साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि पुतिन की भारत यात्रा इस साझेदारी को और मजबूत करेगी। दोनों देश भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच एक दूसरे के सहयोगी बने हुए हैं।
अमेरिका-भारत ट्रेड वार के बीच दौरे को लेकर चर्चा तेज
इस समय भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव चरम पर है। अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर कड़ा टैरिफ लगाया है। ऐसे में रूस और भारत मिलकर अमेरिका के दबाव का जवाब देने की रणनीति बना सकते हैं। अमेरिका की नजरें भी पुतिन के इस दौरे पर टिकी रहेंगी।
चार साल बाद भारत आ रहे हैं पुतिन
राष्ट्रपति पुतिन का आखिरी भारत दौरा दिसंबर 2021 में हुआ था। इसके बाद 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद उन्होंने भारत की यात्रा नहीं की। अब पूरे चार साल बाद वह फिर से नई दिल्ली आएंगे। उनकी यह यात्रा कई दृष्टियों से रणनीतिक और कूटनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।
किन मुद्दों पर हो सकती है बातचीत?
पुतिन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच इन प्रमुख मुद्दों पर बातचीत की संभावना है:
रक्षा सहयोग और रक्षा सौदे
ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी (खासकर तेल और गैस)
व्यापार और आर्थिक सहयोग
यूक्रेन युद्ध की स्थिति
अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ
वैश्विक और एशियाई भू-राजनीतिक समीकरण
पीएम मोदी के कार्यकाल में पुतिन की छठी यात्रा
पुतिन का यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में छठी बार होगा। इससे पहले वह 2014, 2015, 2016, 2018 और 2021 में भारत आ चुके हैं। कोविड और युद्ध के चलते कुछ वर्षों का अंतराल रहा, लेकिन अब यह दौरा एक बार फिर उच्च स्तरीय संवादों का अवसर प्रदान करेगा।
मॉस्को में पुतिन और डोभाल की बैठक
मॉस्को में अजीत डोभाल और व्लादिमिर पुतिन की बैठक हुई, जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। डोभाल ने कहा,
“हमारी रणनीतिक साझेदारी एक दीर्घकालिक और विशेष संबंध है, जिसे हम अत्यधिक महत्व देते हैं। यह शिखर बैठक एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।”




