उमर अब्दुल्ला ने फहराया तिरंगा, बोले- 1947 में भारत के साथ रहने का फैसला सही था

SHARE:

जम्मू-कश्मीर में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में मुख्य समारोह आयोजित किया गया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने समारोह में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को याद किया।

जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ रहने का फैसला सही
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के इतिहास, लोकतंत्र और मौजूदा परिस्थितियों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर यानी PoJK के हालात का भी जिक्र किया। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नियंत्रण रेखा यानी LoC के उस पार के हालात को देखकर उन्हें यह महसूस होता है कि वर्ष 1947 में जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ रहने का फैसला सही था।

व्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उन लोगों को भी याद किया, जिन्होंने 1947 के दौरान जम्मू-कश्मीर की रक्षा के लिए आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि उस समय जिन लोगों ने “हमलावर खबरदार” का नारा दिया था, उनका निर्णय सही साबित हुआ। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन लोगों के बलिदान व्यर्थ नहीं गए और आज जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है।
उमर अब्दुल्ला ने अपने भाषण में लोकतंत्र के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी के जरिए अपनी आवाज को मजबूत किया है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने प्रदेश में शांति, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

Kinni Times
Author: Kinni Times

सबसे ज्यादा पड़ गई