नई दिल्ली | किन्नी टाइम्स: दक्षिण दिल्ली के थाना मैदानगढ़ी क्षेत्र अंतर्गत भाटी गांव में अवैध बोरिंग का एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। फार्म हाउस नंबर 52, गुरुजी आश्रम के पीछे, 5 जनवरी की रात करीब 2 बजे हरियाणा नंबर की डीजल से चलने वाली बड़ी बोरिंग मशीन अवैध रूप से बोरिंग करती पाई गई।
112 पर शिकायत, शिकायतकर्ता को धमकी का आरोप
सूत्रों के अनुसार, एक सामाजिक कार्यकर्ता ने इस अवैध गतिविधि की शिकायत तत्काल 112 नंबर पर दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान
चौकी इंचार्ज कमल शर्मा (मोबाइल: 9818004151)
पुलिस कांस्टेबल मनजीत (मोबाइल: 9999060522)
की भूमिका संदिग्ध रही और शिकायतकर्ता को धमकी दिए जाने की शिकायत भी 112 पर दर्ज कराई गई।
DM, SDM और तहसील प्रशासन को दी गई सूचना
शिकायतकर्ता ने अवैध बोरिंग की जानकारी क्षेत्र के DM, SDM, तहसीलदार और SDM साकेत को व्हाट्सएप के माध्यम से दी। सूचना मिलने पर आशीष दास, तहसीलदार साकेत (9899032215) और दीपक मौके पर पहुंचे।
फर्जी बोरिंग परमिशन का खुलासा
मौके पर जांच के दौरान सामने आया कि फार्म हाउस के मालिक ने बोरिंग की फर्जी परमिशन बना रखी थी, जिस पर केवल BLOCK DEVELOPMENT OFFICER (BDO) के हस्ताक्षर थे।
जबकि नियमों के अनुसार:
BDO को बोरिंग की अनुमति देने का कोई अधिकार नहीं है
NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) द्वारा बोरिंग पर स्पष्ट रोक लगी हुई है
इमरजेंसी बोरिंग के नियम भी ताक पर
NGT के निर्देशानुसार इमरजेंसी स्थिति में बोरिंग के लिए एक बोर्ड बनाया गया है, जिसमें स्पष्ट है कि अनुमति DM, SDM, तहसीलदार, BDO, दिल्ली जल बोर्ड, NGO और क्षेत्र के चुने हुए जनप्रतिनिधि की संयुक्त बैठक के बाद ही दी जा सकती है।
लेकिन इस मामले में न तो ऐसी कोई बैठक हुई और न ही किसी वैध प्रक्रिया का पालन किया गया।
किन्नी टाइम्स के संपादक ने उठाए सवाल
किन्नी टाइम्स के संपादक ने स्वयं तहसीलदार से मुलाकात कर:
खसरा नंबर
फार्म हाउस नंबर
फार्म मालिक का नाम
परमिशन की कॉपी
मांगी, लेकिन BDO द्वारा जारी परमिशन दिखाने से साफ इनकार कर दिया गया, साथ ही संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया गया।
इससे यह संदेह गहराता है कि बिना जांच-पड़ताल, लेन-देन के आधार पर परमिशन को सही मान लिया गया।
पुलिस–तहसीलदार की मौजूदगी में दोबारा चालू कराई मशीन
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि:
शिकायत के बाद पुलिस द्वारा मशीन बंद करा दी गई थी लेकिन बाद में पुलिस और तहसीलदार की मौजूदगी में फिर से चालू करवा दी गई
वह भी हरियाणा नंबर की डीजल बोरिंग मशीन जो कि दिल्ली में साफ तौर पर GRAP-2 के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है
मशीन के कागजात तक की जांच नहीं की गई।
पहले भी हो चुकी है अवैध बोरिंग
तहसील स्टाफ ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि:
इससे पहले फार्म हाउस नंबर 24 और 64, भाटी गुरुजी आश्रम के पीछे
रात के समय बोरिंग हो चुकी है
उनकी भी आज तक कोई जांच नहीं की गई
स्टाफ के अनुसार, इन मामलों में भी पुलिस और तहसील प्रशासन द्वारा ही परमिशन दिए जाने की बात कही जा रही है।
साउथ दिल्ली में चल रहा बड़ा स्कैंडल
सूत्रों का दावा है कि इस तरह लोगों को गुमराह कर साउथ दिल्ली में अवैध बोरिंग का एक बड़ा स्कैंडल चल रहा है।
नियम के अनुसार:
यदि बोरिंग की शिकायत आती है
तो पुलिस की जिम्मेदारी है कि पहले BDO ऑफिस से परमिशन की सत्यता की जांच करे
उसके बाद ही किसी मशीन को चालू कराया जाए
लेकिन यहां नियमों को खुलेआम नजरअंदाज किया गया।
प्रदूषण पर हंगामा, ज़मीन पर साजिश
एक तरफ दिल्ली गैस चैंबर बनती जा रही है, विधानसभा सत्र में प्रदूषण को लेकर हंगामा हो रहा है, दूसरी तरफ वही अधिकारी जिन पर प्रदूषण रोकने की जिम्मेदारी है। रात के अंधेरे में डीजल से चलने वाली भारी मशीनें चलवा रहे हैं
CBI जांच की मांग
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस प्रशासन, तहसीलदार, BDO और संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मांग की जा रही है कि इस पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए और दोषी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।








