यूपी-दिल्ली समेत छह राज्यों में बढ़ा H1N1 का असर, दिल्ली में 1,777 मामले; स्वास्थ्य मंत्रालय ने बढ़ाई निगरानी

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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत देश के छह राज्यों में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा समय में फैल रहा वायरस कोई नया वेरिएंट नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं बताई है।

दिल्ली में 1,777 H1N1 मामले

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस साल अब तक इंफ्लूएंजा-ए के 2,392 मामले सामने आए हैं। इनमें 1,777 मामले H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के हैं। पिछले साल इसी अवधि में H1N1 के केवल 229 मामले सामने आए थे। इस लिहाज से इस साल मामलों में करीब आठ गुना बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, 20 अगस्त को अकेले 114 H1N1 मामलों की पुष्टि हुई। दिल्ली में H3 के 138 और H1 के 37 मामले भी सामने आए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

यूपी में 337 संक्रमित

दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश में भी स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 337 H1N1 संक्रमित सामने आए हैं। वहीं हरियाणा में 119 और पंजाब में 93 मामलों की पुष्टि हुई है। इन राज्यों के अलावा भी कुछ अन्य राज्यों में संक्रमण के मामले सामने आए हैं, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है। अस्पतालों को संदिग्ध और गंभीर मरीजों की समय पर पहचान करने, जांच की सुविधा उपलब्ध रखने और आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने की समीक्षा

स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्थिति की समीक्षा की। बैठक में बीमारी की निगरानी, जांच व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारियों और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। सभी राज्यों को संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखने और गंभीर मरीजों की जल्द पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखने पर भी जोर दिया गया है।

ICMR ने कहा- नया वेरिएंट नहीं

ICMR ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि इस समय फैल रहा H1N1 वायरस कोई नया वेरिएंट नहीं है। यह वायरस 2025 से ही देश में मौजूद है और स्वास्थ्य एजेंसियां इसकी लगातार निगरानी कर रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून के दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी सामान्य तौर पर देखी जाती है। अधिक जांच और बेहतर निगरानी के कारण भी इस बार संक्रमण के आंकड़े ज्यादा दिखाई दे सकते हैं।

डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने दी सतर्क रहने की सलाह

विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने भी इसे मानसून के दौरान होने वाला मौसमी इन्फ्लूएंजा बताया है। उनका कहना है कि बेहतर सर्विलांस और अधिक टेस्टिंग के चलते मामलों की संख्या ज्यादा नजर आ रही है। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। खासतौर पर उच्च जोखिम वाले लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और खांसी-जुकाम होने पर आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य लक्षणों वाले मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या स्थिति बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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