दक्षिणी दिल्ली के थाना मैदान गढ़ी क्षेत्र अंतर्गत संजय कॉलोनी, भाटी माइंस में इन दिनों सरकारी वन विभाग की जमीन पर अवैध झूले लगाए जा रहे हैं। यह झूले न केवल बिना किसी परमिशन के लगाए जा रहे हैं, बल्कि इनकी ऊंचाई करीब 20 से 30 फीट तक है और ये भारी जनरेटर से संचालित होते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ पुलिस चौकी भाटी माइंस के ठीक सामने हो रहा है।
पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत का आरोप
स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अवैध निर्माण में पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत है। बिना किसी सरकारी अनुमति के लगाए जा रहे यह झूले बच्चों और ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। यदि कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी – यह बड़ा सवाल बनकर सामने खड़ा है।
बाबा रामदेव मंदिर ट्रस्ट पर आयोजन का आरोप
झूलों का यह आयोजन बाबा रामदेव मंदिर ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। ट्रस्ट के अध्यक्ष पर आरोप है कि हर वर्ष इसी तरह अवैध झूले मंदिर आयोजन के नाम पर लगाए जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह आयोजन पूरी तरह गैरकानूनी है और हर साल यही स्थिति दोहराई जाती है।
बिना परमिशन, बिना सुरक्षा मापदंड के भारी झूले
इस आयोजन में जो झूले लगाए जा रहे हैं, वे न केवल विशाल हैं, बल्कि बिजली से चलने वाले जनरेटर के सहारे चलते हैं। कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं है, न ही कोई एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड की व्यवस्था। ऐसे में अगर कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी ज़िम्मेदारी किसकी होगी?
प्रशासन और जिम्मेदार विभागों पर गंभीर सवाल
यदि झूलों के संचालन के दौरान कोई जान-माल की हानि होती है, तो उसकी ज़िम्मेदारी पुलिस प्रशासन, दिल्ली नगर निगम, रेवेन्यू विभाग, वन विभाग, स्पेशल टास्क फोर्स और मंदिर ट्रस्ट की होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इन सभी विभागों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इस अवैध गतिविधि को तुरंत रोका जाए।




