हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन और सड़क संपर्क को प्रभावित किया है। राज्य में बारिश और भूस्खलन के कारण 118 सड़कें बंद हैं। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को राज्य के पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश का सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर देखने को मिल रहा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, मंडी में 48, कुल्लू में 32, चंबा में 11, सिरमौर में 8, शिमला में 7, कांगड़ा में 6, ऊना में 4 और लाहौल-स्पीति में 2 सड़कें बंद हैं। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
19 बिजली ट्रांसफॉर्मर भी क्षतिग्रस्त या प्रभावित हुए
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क पर मलबा आने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी न होने पर संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर यात्रा से बचना सुरक्षित रहेगा। बारिश से राज्य की दूसरी जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 216 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जबकि 19 बिजली ट्रांसफॉर्मर भी क्षतिग्रस्त या प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत
मानसून की शुरुआत से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 79 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ जैसी घटनाओं में हुई मौतें भी शामिल हैं। राज्य में भारी बारिश से अब तक करीब 972 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से बंद सड़कों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाएं बहाल करने का काम जारी है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए आने वाले दिनों में भी लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।








