दिल्ली SIR: वोटर लिस्ट के नोटिस से न घबराएं, जानें पूरी प्रक्रिया और जरूरी तारीखें

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नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मतदाताओं के बीच कई तरह के सवाल सामने आ रहे हैं। मतदाता सूची से संबंधित नोटिस मिलने को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटना तय हो गया है।

निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान मतदाता से जुड़ी जानकारी में किसी तरह की विसंगति मिलने पर उसकी जांच, सत्यापन और आवश्यक सुधार के लिए नोटिस जारी किए जा सकते हैं। संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।

नोटिस मिलने पर क्या करें?

मतदाताओं को नोटिस मिलने की स्थिति में घबराने के बजाय उसमें दी गई जानकारी को ध्यान से पढ़ना चाहिए। यदि किसी जानकारी में गलती है या किसी दस्तावेज की आवश्यकता बताई गई है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित निर्वाचन अधिकारी के सामने अपना पक्ष और दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, पात्र मतदाता का नाम उचित प्रक्रिया और सुनवाई के अवसर के बिना हटाया नहीं जाना चाहिए।

नए मतदाता और संशोधन के लिए Form-6

दिल्ली में मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण और पात्र मतदाताओं के विवरण से जुड़े आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। निर्वाचन आयोग के Voters’ Services Portal के माध्यम से मतदाता पंजीकरण, विवरण में संशोधन और मतदाता सूची में अपना नाम खोजने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

Form-6 का इस्तेमाल नए मतदाता के पंजीकरण के लिए किया जाता है, जबकि मौजूदा मतदाता के विवरण में सुधार के लिए Form-8 का इस्तेमाल किया जाता है।

अतिरिक्त AERO की तैनाती

मतदाताओं की सुविधा के लिए विधानसभा क्षेत्रों में अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (AERO) की तैनाती की जा रही है। इसका उद्देश्य SIR से जुड़ी प्रक्रिया के दौरान नागरिकों की समस्याओं का समाधान और आवेदन प्रक्रिया को सुगम बनाना है।

विशेष शिविरों के जरिए मतदाताओं को सुविधा

निर्वाचन अधिकारियों की ओर से विशेष शिविरों के आयोजन की भी व्यवस्था की जा रही है। इन शिविरों में मतदाता सूची से संबंधित जानकारी, पंजीकरण, संशोधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेष रूप से ऐसे नागरिकों तक पहुंचने पर जोर दिया जा रहा है जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में मतदाता सेवाओं तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।

दिल्ली के मतदाताओं के लिए जरूरी बातें

मतदाताओं को अपनी जानकारी समय रहते जांच लेनी चाहिए। खास तौर पर अपना नाम, पता और अन्य विवरण मतदाता सूची में सही है या नहीं, इसकी पुष्टि करना महत्वपूर्ण है।

निर्वाचन आयोग के आधिकारिक Voters’ Services Portal पर मतदाता अपना नाम और चुनाव संबंधी जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं।

ध्यान रखें: केवल वोटर आईडी कार्ड होना पर्याप्त नहीं है। मतदान के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है। दिल्ली के CEO कार्यालय ने भी नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम जांचने की सलाह दी है।

AAP के आरोपों पर भी आयोग ने दी सफाई

SIR की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से भी सवाल उठाए गए हैं। आम आदमी पार्टी द्वारा उठाए गए मुद्दों के संदर्भ में निर्वाचन अधिकारियों ने सांसदों और विधायकों के मतदाता पंजीकरण से जुड़े कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की है।

निर्वाचन आयोग मतदाता सूची की शुद्धता, पात्र मतदाताओं के समावेश और गलत अथवा डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान के लिए पुनरीक्षण प्रक्रिया संचालित करता है। दिल्ली में पहले भी निर्वाचन कार्यालय नागरिकों से अपने नाम और विवरण की जांच करने की अपील कर चुका है।

मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी संदेश

SIR के दौरान यदि किसी मतदाता को नोटिस मिलता है तो उसे नाम कटने का अंतिम फैसला नहीं समझना चाहिए। नोटिस मिलने के बाद संबंधित प्रक्रिया में अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर होता है।

मतदाता अपने नाम और विवरण की जांच आधिकारिक निर्वाचन आयोग के पोर्टल से कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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