दिल्ली पुलिस के कमिश्नर संजय अरोड़ा आज (31 जुलाई 2025) को अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके रिटायरमेंट के साथ ही पुलिस महकमे में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। काफी समय से उनके सेवा विस्तार को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब केंद्र सरकार ने तिहाड़ जेल के महानिदेशक (DG) सतीश गोलछा को दिल्ली पुलिस आयुक्त का अस्थायी (एडिशनल) प्रभार सौंप दिया है। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक कि स्थायी नियुक्ति नहीं हो जाती।
संजय अरोड़ा का कार्यकाल
संजय अरोड़ा के कार्यकाल को दिल्ली पुलिस के लिए प्रभावशाली और निर्णायक माना जा रहा है। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:
कानून व्यवस्था का कुशल संचालन: G20 समिट, चुनाव, और राष्ट्रीय पर्वों के दौरान सुरक्षा का बेहतरीन प्रबंधन।
साइबर क्राइम पर सख्ती: नई साइबर यूनिट्स की स्थापना और त्वरित कार्रवाई।
महिला सुरक्षा: ‘पिंक पेट्रोल’ और महिला हेल्पलाइन ऐप्स से सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ।
तकनीकी बदलाव: मॉडर्न टेक्नोलॉजी, डाटा एनालिटिक्स और स्मार्ट ट्रेनिंग पर ज़ोर।
जनसंपर्क: ‘फेस टू फेस’ जैसे संवाद कार्यक्रमों से पुलिस व जनता के बीच विश्वास बना।
विदाई समारोह आज सुबह 8:45 बजे किंग्सवे कैंप के न्यू पुलिस लाइंस परेड ग्राउंड में हुआ, जिसमें दिल्ली पुलिस के कई अधिकारी और जवान शामिल हुए।
कौन हैं सतीश गोलछा? मिला दिल्ली पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार
सतीश गोलछा एक 1992 बैच के सीनियर IPS अधिकारी हैं, जो AGMUT कैडर से हैं। वर्तमान में वे तिहाड़, रोहिणी और मंडोली जेल परिसरों के डीजी हैं। उन्हें उनकी सख्त, अनुशासित और ईमानदार छवि के लिए जाना जाता है।
सतीश गोलछा का अब तक का अनुभव:
दिल्ली पुलिस में DCP, जॉइंट CP, और स्पेशल CP (लॉ एंड ऑर्डर व इंटेलिजेंस) के रूप में सेवा।
2020 दिल्ली दंगों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका।
2022-2023: अरुणाचल प्रदेश में पुलिस महानिदेशक के रूप में उग्रवाद और सीमावर्ती सुरक्षा से निपटने में उल्लेखनीय योगदान।
अप्रैल 2024: तिहाड़ जेल के DG बने, जहाँ जेल सुधारों और सुरक्षा पर विशेष कार्य किया।
सतीश गोलछा के सामने प्रमुख चुनौतियाँ
सतीश गोलछा के सामने अब एक नई चुनौती है — दिल्ली जैसे विशाल महानगर की बहुस्तरीय कानून-व्यवस्था को संभालना।
उन्हें न सिर्फ पुलिसिंग की तेजी से बदलती जरूरतों को समझना होगा, बल्कि जेल प्रशासन और पुलिस बल के बीच प्रशासनिक संतुलन भी बनाए रखना होगा।
अगर वे इस भूमिका में सफल रहते हैं, तो उन्हें स्थायी रूप से पुलिस आयुक्त बनाया जा सकता है।
दिल्ली कैडर से ही CP की मांग, गोलछा बने मजबूत दावेदार
दिल्ली पुलिस महासंघ के अध्यक्ष व पूर्व एसीपी वेद भूषण ने कहा कि दिल्ली की जमीनी हकीकत को समझने के लिए पुलिस आयुक्त दिल्ली कैडर से ही होना चाहिए। सतीश गोलछा न सिर्फ दिल्ली कैडर से हैं बल्कि वे सबसे वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी भी हैं। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि उन्हें ही स्थायी कमिश्नर बनाया जाएगा और जेल DG के पद पर किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।



