नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को बड़ी राहत दी है। आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा एक महीने बढ़ा दी है। अब पात्र मतदाता 30 अक्टूबर 2026 तक अपनी आपत्ति या दावा दाखिल कर सकेंगे। पहले इसकी अंतिम तारीख 30 सितंबर निर्धारित की गई थी।
संशोधित कार्यक्रम के तहत दावों और आपत्तियों तथा जारी किए गए नोटिसों के निपटारे की समयसीमा भी बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 कर दी गई है। वहीं दिल्ली की संशोधित अंतिम मतदाता सूची अब 4 दिसंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। पहले अंतिम सूची के प्रकाशन की तारीख 4 नवंबर निर्धारित थी।
क्यों बढ़ाई गई समयसीमा?
यह बदलाव दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से निर्वाचन आयोग को भेजे गए अनुरोध के बाद किया गया है। संशोधित कार्यक्रम का उद्देश्य चल रही दावे-आपत्ति और सत्यापन प्रक्रिया के लिए मतदाताओं तथा निर्वाचन अधिकारियों को अतिरिक्त समय देना है।
दिल्ली में SIR के तहत 31 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। इसके बाद मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच करने तथा आवश्यकता पड़ने पर दावा या आपत्ति दाखिल करने का अवसर दिया गया। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर SIR से संबंधित मतदाता सूची, नाम खोजने की सुविधा और दावे-आपत्तियों से जुड़े फॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं।
33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस
SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 33.13 लाख मतदाताओं को उनके विवरण में विसंगतियों के आधार पर नोटिस के लिए चिन्हित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में मामलों में मौजूदा विवरण का 2002 में तैयार पिछली SIR मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया। कुछ मामलों में नाम, उम्र या अन्य विवरण से जुड़ी विसंगतियां भी सामने आई हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि नोटिस जारी होना अपने-आप में मतदाता का नाम हटाए जाने का मतलब नहीं है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार संबंधित मतदाता को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाता है। सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाता है।
2002 की मतदाता सूची से मिलान क्यों महत्वपूर्ण है?
दिल्ली में पिछला SIR वर्ष 2002 में हुआ था। मौजूदा पुनरीक्षण में मतदाताओं के विवरण को उस समय की मतदाता सूची से जोड़कर देखा जा रहा है। जिन मामलों में रिकॉर्ड का मिलान नहीं हो पाया या विवरण में विसंगति मिली, उन्हें सत्यापन की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
निर्वाचन आयोग की SIR प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल रखना और मतदाता सूची के रिकॉर्ड को अद्यतन एवं सत्यापित करना है। आयोग के अनुसार, दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया इसी सत्यापन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अब क्या हैं महत्वपूर्ण तारीखें?
31 अगस्त 2026: दिल्ली की SIR प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित
30 अक्टूबर 2026: दावे और आपत्तियां दाखिल करने की नई अंतिम तारीख
30 नवंबर 2026: नोटिस, दावे और आपत्तियों के निपटारे की संशोधित अंतिम तारीख
4 दिसंबर 2026: संशोधित अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख
मतदाताओं के लिए जरूरी बात
मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे SIR प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जरूर जांचें। यदि नाम छूट गया है या किसी विवरण में सुधार की जरूरत है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दाखिल की जा सकती है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर Form 6, Form 7 और Form 8 समेत संबंधित सुविधाएं उपलब्ध हैं।
निर्वाचन आयोग की ओर से समयसीमा बढ़ाए जाने के बाद अब मतदाताओं के पास अपने रिकॉर्ड की जांच करने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले की तुलना में एक अतिरिक्त महीना है।








