कॉकरोच जनता पार्टी ने शुरू किया नया अभियान, युवाओं से मांगी नागरिक समस्याओं की तस्वीरें

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नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक नया जनभागीदारी अभियान #LifeOfACockroach शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य शहरों और कस्बों में मौजूद नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को उजागर करना और संबंधित अधिकारियों तक लोगों की शिकायतें पहुंचाना बताया जा रहा है।

पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक एआई आधारित वीडियो साझा करते हुए लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास मौजूद समस्याओं की फोटो या वीडियो रिकॉर्ड कर साझा करें। इनमें टूटी सड़कें, बड़े गड्ढे, खराब स्ट्रीट लाइट, कूड़े के ढेर, जलभराव और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।

लोगों से क्या अपील की गई?

अभियान के तहत नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को कैमरे में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा करें या अभियान से जुड़े अकाउंट्स को टैग करें। आयोजकों का दावा है कि इन शिकायतों को व्यापक स्तर पर उठाकर संबंधित विभागों और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।

अभियान की प्रमुख गतिविधियां

1. गड्ढों के साथ ‘सर्वाइवल सेल्फी’
युवा सड़क के गड्ढों के साथ तस्वीरें लेकर सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा कर रहे हैं।

2. कूड़े के ढेर को ‘5-स्टार रेटिंग’
कुछ लोग कूड़े के ढेर और गंदी जगहों को मजाकिया अंदाज में ‘टूरिस्ट स्पॉट’ बताकर ऑनलाइन रेटिंग दे रहे हैं।

3. ‘बेस्ट सिविक फेलियर’ अवॉर्ड
खराब नागरिक सुविधाओं को लेकर स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को टैग करते हुए व्यंग्यात्मक डिजिटल प्रमाणपत्र साझा किए जा रहे हैं।

4. मीम्स और रील्स के जरिए विरोध
टूटी सड़कें, ट्रैफिक जाम और अन्य समस्याओं को लेकर मीम्स व छोटे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे हैं।

कैसे शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी?

कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में सोशल मीडिया पर एक वायरल बहस के बाद हुई। शुरुआती तौर पर इसे एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन पहल के रूप में देखा गया था, लेकिन बाद में यह युवाओं के बीच एक चर्चित डिजिटल अभियान बन गया। इसके संस्थापक अभिजीत दिपके बताए जाते हैं, जो वर्तमान में बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस के छात्र हैं।

सोशल मीडिया पर चर्चा

#LifeOfACockroach अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे नागरिक समस्याओं को उजागर करने का रचनात्मक तरीका मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे केवल ऑनलाइन एक्टिविज्म तक सीमित बता रहे हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times