नीट (NEET) और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का रुख अब और सख्त हो गया है। सीजेपी के संस्थापक और अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने सरकार के साथ बंद कमरों में होने वाली वार्ताओं को सिरे से खारिज करते हुए ऐलान किया है कि अब सरकार से जो भी बातचीत होगी, वह केवल और केवल आंदोलन स्थल, यानी जंतर-मंतर पर ही आयोजित की जाएगी।
बातचीत के नाम पर सिर्फ समय बर्बाद किया
अभिजीत दीपके ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई अपनी प्रतिनिधिमंडल की पिछली बैठक पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार ने बातचीत के नाम पर सिर्फ समय बर्बाद किया। उन्होंने कहा, “जेपी नड्डा के साथ हमारी पिछली मुलाकात में हमारे करीब पांच घंटे पूरी तरह बर्बाद कर दिए गए। एक तरफ हमारे प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया और दूसरी तरफ सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे बेकसूर छात्रों पर पुलिस से लाठियां बरसाई गईं और उनकी पिटाई की गई।”
आंदोलन जंतर-मंतर पर इसी तरह जारी रहेगा
दीपके ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वार्ता का बुलावा देकर आंदोलनकारी नेतृत्व को मुख्य स्थल से दूर रखना और बाहर छात्रों पर बल प्रयोग करना सरकार की एक सोची-समझी रणनीति थी। इसी घटनाक्रम से सबक लेते हुए सीजेपी ने फैसला किया है कि भविष्य में सरकार का कोई भी प्रतिनिधि यदि छात्रों से बात करना चाहता है, तो उसे जंतर-मंतर पर ही आकर खुली मंच से बात करनी होगी। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका यह आंदोलन जंतर-मंतर पर इसी तरह जारी रहेगा।








