करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद आज मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव कराए जा रहे हैं। गुरुवार को मुंबईकर अपने नगरसेवक चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं। बीएमसी की 227 सीटों के लिए करीब 1700 उम्मीदवार मैदान में हैं और लगभग 1.03 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इससे पहले बीएमसी चुनाव 2017 में हुए थे, जिनका कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो गया था। चुनाव के नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।
मुंबई के साथ-साथ मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, वसई-विरार, पनवेल, नवी मुंबई, उल्हासनगर, भिवंडी और मीरा-भाईंदर नगरपालिकाओं में भी आज मतदान हो रहा है। सभी जगहों पर वोटिंग सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी। इन चुनावों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, वहीं उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन के लिए भी यह चुनाव अहम माना जा रहा है।
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए मुंबई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शहर में 28 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और 42 हजार से ज्यादा होमगार्ड्स की तैनाती की गई है। कुल 10,231 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जा रहे हैं, जहां 64,375 अधिकारी और कर्मचारी चुनावी ड्यूटी में तैनात हैं। चुनाव आयोग ने स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर पहले ही तय कर लिए हैं।
बीएमसी चुनाव को देखते हुए शहर में शराब बिक्री पर रोक लगाई गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 14 से 16 जनवरी तक ड्राई डे के फैसले को बरकरार रखा है। इसके अलावा मतदान के दिन मतदाताओं और कर्मचारियों की सुविधा के लिए अंडरग्राउंड मेट्रो-3 का संचालन सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक किया जा रहा है।
चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने मराठी भाषा को लेकर राजनीति न करने की अपील करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। वहीं दहिसर इलाके में कांग्रेस के पूर्व नगरसेवक राजेंद्र प्रसाद चौबे के समर्थकों ने बीजेपी उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।
मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने मतदान केंद्रों के आसपास पार्किंग पर सख्त नियम लागू किए हैं। मतदान केंद्र से 100 मीटर के दायरे में पार्किंग पर प्रतिबंध रहेगा, जबकि 200 मीटर दूर सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था की गई है। टोइंग वाहन भी तैनात किए गए हैं ताकि यातायात बाधित न हो।
चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक है, जो लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 16 जनवरी को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो मुंबई की राजनीति की दिशा तय करेंगे।








