बीसीसीआई के नए फिटनेस नियम: ब्रॉन्को टेस्ट और 2 किमी रनिंग अनिवार्य

SHARE:

इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर ढिलाई के बाद कड़े नियम; अब बिना आराम के देनी होगी स्टैमिना परीक्षा

भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने और अपनी जगह बरकरार रखने के लिए बीसीसीआई (BCCI) ने फिटनेस मानकों को पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया है। हालिया इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के दौरान कैच छूटने और खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने के बाद बोर्ड ने फिटनेस सिस्टम में यह बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, खिलाड़ियों को अब सिर्फ ब्रॉन्को टेस्ट (Bronco Test) पास करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि उन्हें तय समय-सीमा के भीतर 2 किलोमीटर की दौड़ भी पूरी करनी होगी। फिटनेस में ढिलाई बरतने वाले या पूरी तरह फिट न होने के बावजूद क्लियरेंस पाने वाले मामलों पर लगाम कसने के लिए ये कड़े कदम उठाए गए हैं।

नए फिटनेस टेस्ट से जुड़ी मुख्य बातें

2 किलोमीटर रनिंग की समय-सीमा: खिलाड़ियों को 2 किलोमीटर की दौड़ करीब 9 से 10 मिनट के भीतर पूरी करनी अनिवार्य होगी।

ब्रॉन्को टेस्ट का समय घटाया: पहले इस टेस्ट को पूरा करने के लिए 6 मिनट मिलते थे, जिसे अब घटाकर 5 मिनट 15 सेकंड से 20 सेकंड कर दिया गया है।

लगातार बैक-टू-बैक टेस्ट: खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि ब्रॉन्को टेस्ट समाप्त होते ही उन्हें बिना किसी लंबे ब्रेक या आराम के तुरंत 2 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी।

सख्त निगरानी: खिलाड़ियों के वजन, रिकवरी टाइम, रनिंग स्पीड और ओवरऑल स्टैमिना की बारीकी से जांच होगी। उदाहरण के तौर पर, युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा समेत सभी खिलाड़ियों के लिए विशेष वजन सीमा (Target Weight) तय की गई है।

बीसीसीआई का स्पष्ट मानना है कि मैदान पर बेहतर फील्डिंग, कम चोटें और निरंतर शानदार प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए खिलाड़ियों को बल्ले और गेंद के साथ-साथ इस कठिन फिटनेस परीक्षा को हर हाल में पास करना होगा।

Kinni Times
Author: Kinni Times