नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए छोटे मालवाहक वाहनों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले छोटे मालवाहक वाहनों यानी लाइट गुड्स व्हीकल (LGV) के नए पंजीकरण पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाई जाएगी।
इस बदलाव के तहत आने वाले वर्षों में एनसीआर में नए N1 कैटेगरी के मालवाहक वाहनों के रूप में केवल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को ही पंजीकृत किया जाएगा। इसका उद्देश्य परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को कम करना और क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन को बढ़ावा देना है।
दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से लागू होगा नियम
CAQM के निर्देशों के अनुसार, दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले N1 मालवाहक वाहनों का नया रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।
इसके बाद दिल्ली में N1 श्रेणी के नए मालवाहक वाहनों के पंजीकरण के लिए इलेक्ट्रिक वाहन ही पात्र होंगे। यानी छोटे मालवाहक वाहन खरीदने वाले लोगों और कारोबारियों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर जाना होगा।
इन शहरों में पहले लागू होगा नियम
दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के कुछ प्रमुख शहरों में भी यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले नए N1 मालवाहक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक 1 जुलाई से लागू होगी।
इन शहरों के बाद एनसीआर के अन्य जिलों में भी इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। वहां नए पेट्रोल, डीजल और CNG चालित N1 मालवाहक वाहनों के पंजीकरण पर रोक 2028 से लागू होने की योजना है।
सिर्फ इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों को मिलेगा रजिस्ट्रेशन
नए नियम का सबसे बड़ा असर छोटे मालवाहक वाहन खरीदने वाले कारोबारियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर पड़ सकता है। नियम लागू होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में नए N1 मालवाहक वाहनों के तौर पर सिर्फ इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का पंजीकरण किया जाएगा।
इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य सड़क परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को कम करना है। दिल्ली-NCR में वाहनों से होने वाला प्रदूषण लंबे समय से वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल रहा है।








