मदर टेरेसा स्कीम फार्म हाउस में अवैध निर्माण के आरोप, 112 पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा

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दक्षिणी दिल्ली के भाटी गांव स्थित मदर टेरेसा स्कीम फार्म हाउस के फॉर्म नंबर A.12 में कथित अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ती दिखाई दे रही है। ग्रामीणों और आसपास के निवासियों का आरोप है कि बिना वैध अनुमति के निर्माण और कोठी निर्माण का कार्य लगातार जारी है, जबकि शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

फॉर्म नंबर A.12 में निर्माण कार्य पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, मदर टेरेसा स्कीम फार्म हाउस के फॉर्म नंबर A.12 में बड़े स्तर पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण कार्य आवश्यक अनुमतियों के बिना किया जा रहा है और इसकी जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाने के बावजूद काम जारी है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर कई बार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

112 पर शिकायत दर्ज, फिर भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

मामले को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर भी शिकायत दर्ज कराए जाने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि सूचना देने के बाद भी मौके पर कोई प्रभावी हस्तक्षेप या कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत के बावजूद निर्माण गतिविधियां रुकने के बजाय पहले की तरह जारी रहीं।

एमसीडी अधिकारी पर संरक्षण देने के आरोप

स्थानीय निवासियों ने एमसीडी अधिकारी सुरेंद्र बेलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारी की ड्यूटी किसी अन्य वार्ड में सड़क निर्माण कार्य से जुड़ी बताई जाती है, लेकिन इसके बावजूद भाटी और आया नगर क्षेत्र में उनकी सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि कथित रूप से रिश्वत लेकर अवैध निर्माण को संरक्षण दिया जा रहा है।

ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो उस पर तत्काल रोक लगाई जाए।

साथ ही लोगों ने यह भी मांग की है कि जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाए, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

इलाके में बढ़ा रोष, प्रशासन से जवाब की मांग

मामले को लेकर इलाके में लोगों के बीच नाराज़गी का माहौल बताया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और बड़े स्तर पर विरोध दर्ज कराने पर विचार कर सकते हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times