नई दिल्ली: आगामी BRICS शिखर सम्मेलन से पहले राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकी शाहजाद भट्टी दिल्ली के बाहरी इलाकों में कम तीव्रता वाला धमाका कराने या पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की साजिश रच सकता है। इनपुट सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने निगरानी और एहतियाती सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं।
2,000 से ज्यादा लोगों की गतिविधियों पर नजर
खुफिया इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस 2,000 से अधिक लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। इनमें घोषित अपराधी, जमानत पर बाहर संदिग्ध और ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्हें पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण रिहा किया गया था। पुलिस स्थानीय स्तर पर संभावित सहयोगियों और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, खुफिया आकलन में किसी बड़े पैमाने पर जनहानि की बजाय कम तीव्रता वाले हमले के जरिए डर और दहशत पैदा करने की आशंका जताई गई है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा इनपुट को एहतियाती चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है और इससे यह साबित नहीं होता कि हमला तत्काल होने वाला है।
BRICS सम्मेलन से पहले बढ़ाई गई सुरक्षा
भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। सम्मेलन में सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडलों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में राजधानी के महत्वपूर्ण स्थानों के साथ-साथ बाहरी और सीमावर्ती इलाकों में भी सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई जा रही है।
शाहजाद भट्टी नेटवर्क पर पहले भी कार्रवाई
ताजा अलर्ट ऐसे समय आया है जब सुरक्षा एजेंसियां शाहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई कर चुकी हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस से पहले 14 राज्यों में इस नेटवर्क से जुड़े 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि 80 से अधिक FIR दर्ज हुईं और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं। कार्रवाई के दौरान हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी बरामद होने की जानकारी दी गई है।
ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए भर्ती का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान में रहकर गतिविधियां संचालित करने वाला भट्टी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन के जरिए भारत में स्थानीय लोगों से संपर्क और नेटवर्क तैयार करने की कोशिश करता रहा है। जांच में उसके नेटवर्क को उत्तर भारत में हथगोले, विस्फोट और लक्षित हिंसा से जुड़े मामलों से जोड़े जाने की बात सामने आई है।
सुरक्षा एजेंसियों को यह भी आशंका है कि संभावित हमले के लिए प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े लोगों की मदद ली जा सकती है। हालांकि, यह फिलहाल खुफिया आकलन और जांच का हिस्सा है।
दिल्ली-NCR पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली पुलिस ने भट्टी से जुड़े कथित नेटवर्क के खिलाफ कई कार्रवाई की हैं। जून में पुलिस ने एक कथित पाकिस्तान-समर्थित नेटवर्क के सात सदस्यों को गिरफ्तार करने का दावा किया था, जबकि जुलाई में भी दिल्ली में पुलिस प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने की कथित साजिश से जुड़े मॉड्यूल का खुलासा किया गया था।








