छोटी दिवाली 2026: आज कितने दीये जलाना माना जाता है शुभ? जानें दीपक जलाने का सही समय और नियम

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नई दिल्ली: आज 7 नवंबर 2026 को छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जा रहा है। इसे रूप चौदस और काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन दीपदान करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि छोटी दिवाली पर दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इस दिन यमराज के नाम से भी एक विशेष दीपक जलाया जाता है। आइए जानते हैं कि छोटी दिवाली पर कितने दीये जलाने चाहिए और दीपक जलाने का शुभ समय क्या है।

छोटी दिवाली 2026 पर दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी दिवाली की शाम को दीपक जलाना शुभ माना जाता है। 7 नवंबर 2026 को दीपक जलाने का शुभ समय शाम 5 बजकर 32 मिनट से रात 8 बजकर 9 मिनट तक बताया गया है। इस दौरान घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल और अन्य शुभ स्थानों पर दीपक जलाए जा सकते हैं।

छोटी दिवाली पर कितने दीये जलाने चाहिए?

छोटी दिवाली पर दीपदान का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार, इस दिन कम से कम 14 मिट्टी के दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा एक दीपक विशेष रूप से यमराज के नाम से जलाया जाता है। हालांकि, श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अधिक दीपक भी जला सकते हैं।

छोटी दिवाली पर इन जगहों पर जरूर जलाएं दीपक

नरक चतुर्दशी के दिन घर के अलग-अलग हिस्सों में दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता और सुख-शांति का वास होता है।

  • घर के मुख्य दरवाजे पर
  • पूजा घर और मंदिर में
  • घर के आंगन में
  • तुलसी के पौधे के पास
  • दक्षिण दिशा में
  • रसोई घर में
  • घर की छत और खिड़कियों के पास
  • अध्ययन कक्ष और कार्यस्थल पर
  • पवित्र वृक्ष के पास
  • घर के बाहर और जल स्रोत के पास

यमराज के नाम से दीपक जलाने का महत्व

छोटी दिवाली को यम चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस दिन यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दीपक को घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है। कुछ परिवारों में इसे घर के बाहर नाली के पास भी रखा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।

छोटी दिवाली पर दीपदान करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  1. दीपक जलाने के लिए मिट्टी के दीपक का इस्तेमाल करें।
  2. दीपदान के लिए सरसों या तिल के तेल का प्रयोग कर सकते हैं।
  3. प्रदोष काल में दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
  4. यमराज के नाम का दीपक घर के बाहर दक्षिण दिशा में रखें।
  5. दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें, जहां आग लगने का खतरा न हो।

छोटी दिवाली का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और प्रकाश के महत्व का प्रतीक माना जाता है। इस दिन दीपदान करने के साथ घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

 

Kinni Times
Author: Kinni Times

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