नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज अलग-अलग देखने को मिल रहा है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में चक्रवाती तूफान मुरासु के कमजोर पड़ने के बाद भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। दिल्ली-NCR में 5 नवंबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, हालांकि सुबह के समय हल्की धुंध छाई रह सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी में फिलहाल किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में गुरुवार को मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। सुबह के समय हल्की धुंध देखने को मिल सकती है, जबकि दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ रहेगा। दिल्ली में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है। सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस हो सकती है।
दक्षिण भारत में बारिश और आंधी का अलर्ट
दक्षिण भारत के कई राज्यों में चक्रवाती तूफान मुरासु के कमजोर पड़ने के बावजूद इसका असर देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, लक्षद्वीप, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मध्य और पूर्वी भारत में भी बदल सकता है मौसम
मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं ओडिशा में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
उत्तर भारत में फिलहाल राहत
उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की कोई बड़ी गतिविधि होने की संभावना नहीं है। सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भी मौसम की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
किसानों और यात्रियों के लिए सलाह
बारिश और गरज-चमक की संभावना वाले क्षेत्रों में किसानों को फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा का ध्यान रखने की जरूरत है। वहीं यात्रियों को खराब मौसम वाले इलाकों में सफर से पहले मौसम की जानकारी लेनी चाहिए। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों और खुले मैदानों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।







